ODI Cricket
ODI Cricket : एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट की दुनिया में जहां आए दिन चौके-छक्कों की बरसात होती है और नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए जाते हैं, वहीं कुछ रिकॉर्ड ऐसे भी बन जाते हैं जिन्हें कोई भी टीम अपने नाम नहीं करना चाहती। वनडे क्रिकेट के इतिहास में ‘सबसे कम स्कोर’ का एक ऐसा ही शर्मनाक रिकॉर्ड दो टीमों के नाम संयुक्त रूप से दर्ज है। साल 2004 में जिम्बाब्वे ने पहली बार यह अनचाहा इतिहास रचा था, जिसे 16 साल बाद 2020 में अमेरिका (USA) की टीम ने दोहरा दिया। आज भी जब वनडे क्रिकेट के न्यूनतम स्कोर की चर्चा होती है, तो इन दोनों मैचों का जिक्र सबसे पहले आता है।
यह घटना 25 अप्रैल 2004 की है, जब श्रीलंका की टीम जिम्बाब्वे के दौरे पर थी। हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन यह फैसला उनके लिए किसी दुःस्वप्न से कम साबित नहीं हुआ। श्रीलंका के घातक तेज गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे का कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सका। पूरी टीम महज 18.4 ओवरों में सिर्फ 35 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। यह उस समय वनडे इतिहास का सबसे छोटा स्कोर था। जिम्बाब्वे के 11 बल्लेबाजों में से कोई भी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका, जो उनकी बल्लेबाजी की दयनीय स्थिति को दर्शाता था।
श्रीलंका की इस ऐतिहासिक जीत के असली नायक दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास थे। वास ने अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से जिम्बाब्वे के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने 9 ओवरों में केवल 11 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए, जिसमें 4 ओवर मेडन रहे। उनका साथ युवा तेज गेंदबाज परवेज माहरूफ ने बखूबी निभाया, जिन्होंने मात्र 3 ओवरों में 3 रन देकर 3 विकेट चटकाए। श्रीलंका ने जीत के लिए मिले 36 रनों के लक्ष्य को केवल 9.2 ओवरों में 1 विकेट खोकर हासिल कर लिया और इस मैच को क्रिकेट इतिहास के सबसे छोटे मैचों में से एक बना दिया।
जिम्बाब्वे के इस शर्मनाक रिकॉर्ड को टूटने में 16 साल लग गए, लेकिन यह रिकॉर्ड बेहतर होने के बजाय बराबर हो गया। फरवरी 2020 में आईसीसी विश्व कप लीग-2 के एक मुकाबले में कीर्तिपुर के मैदान पर यूएसए (अमेरिका) और नेपाल की टीमें आमने-सामने थीं। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी अमेरिकी टीम नेपाल के स्पिनर संदीप लामिछाने की फिरकी में ऐसी उलझी कि पूरी टीम 12 ओवरों में ही 35 रन पर सिमट गई। ताज्जुब की बात यह है कि अमेरिका ने जिम्बाब्वे से भी कम ओवरों में अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया।
इस मैच में नेपाल के फिरकी गेंदबाज संदीप लामिछाने ने विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। उन्होंने केवल 6 ओवरों में 16 रन देकर 6 विकेट झटके, जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। 36 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नेपाल की टीम ने बिना किसी देरी के केवल 5.2 ओवरों में 2 विकेट खोकर मैच जीत लिया। इस तरह अमेरिका ने अनचाहे ही सही, जिम्बाब्वे के 35 रनों के सबसे न्यूनतम स्कोर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। वनडे क्रिकेट के इतिहास में आज भी यह दोनों स्कोर संयुक्त रूप से सबसे निचले पायदान पर काबिज हैं।
क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और टी-20 के बढ़ते प्रभाव के बीच बल्लेबाजों की आक्रामक शैली कभी-कभी उन्हें जल्दी पवेलियन का रास्ता दिखा देती है। हालांकि 35 रन का यह स्कोर इतना कम है कि इसे ‘तोड़ना’ (यानी इससे भी कम रन बनाना) किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए बहुत बड़ी विफलता होगी। फिलहाल, जिम्बाब्वे और अमेरिका इस अनचाहे रिकॉर्ड के साये में खड़े हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में क्या कोई और टीम इस अनचाहे इतिहास का हिस्सा बनती है या ये 35 रन ही वनडे का न्यूनतम मानक बने रहेंगे।
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