LPG Price Hike : देश की आम जनता के लिए मार्च महीने की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ हुई है। 1 मार्च, 2026 से घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा किया गया है। इस वृद्धि के बाद, जो सिलेंडर पहले 853 रुपये में मिलता था, अब उसके लिए उपभोक्ताओं को 913 रुपये चुकाने होंगे। यह बढ़ोतरी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी इसी अनुपात में कीमतें बढ़ाई गई हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ना तय है।
ईरान-इजरायल युद्ध और कच्चे तेल का संकट
गैस की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां मुख्य कारण मानी जा रही हैं। मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल और गैस के बाजार में उथल-पुथल मचा दी है। भारत सरकार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाई अलर्ट पर है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने देश की सभी एलपीजी रिफाइनरी को उत्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि घरेलू आपूर्ति में कोई कमी न आए। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध का दायरा और बढ़ा, तो आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में और भी अधिक तेजी देखी जा सकती है।
11 महीने बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बड़ा बदलाव
दिलचस्प बात यह है कि घरेलू एलपीजी की कीमतों में यह वृद्धि एक लंबे अंतराल के बाद हुई है। इंडियन ऑयल के आंकड़ों के मुताबिक, आखिरी बार 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम 08 अप्रैल, 2025 को बढ़ाए गए थे। पिछले करीब 11 महीनों से कीमतें स्थिर बनी हुई थीं, लेकिन वैश्विक दबाव के चलते अब सरकार और तेल कंपनियों को यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है। गौर करने वाली बात यह है कि 30 अगस्त, 2023 के बाद से यह एलपीजी सिलेंडर की अब तक की सबसे उच्चतम कीमत है।
कमर्शियल गैस की कीमतों में भी लगी आग
महंगाई की यह मार केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठान भी इसकी चपेट में हैं। इंडियन ऑयल ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी वृद्धि की है। दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर अब 114.50 रुपये महंगा हो गया है। व्यापारिक दृष्टिकोण से यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि 1 जनवरी, 2026 के बाद यह चौथी और पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार की गई बढ़ोतरी है। इससे रेस्तरां, ढाबों और खान-पान के व्यवसाय से जुड़े लोगों की लागत बढ़ जाएगी, जिसका अंतिम बोझ ग्राहकों की जेब पर ही पड़ेगा।
ऊर्जा सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट
ईरान द्वारा सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते को बाधित करने की आशंका ने आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, भारत सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने आश्वस्त किया है कि देश के पास वर्तमान में कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि हमारे पास ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत मौजूद हैं और हम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। फिलहाल सरकार ईरान के घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की हर हलचल पर बारीक नजर रख रही है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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