Lucknow Fire Update : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे में अब तक 17 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश छात्र हैं। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि बिल्डिंग के भीतर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। धुएं के गुबार और आग की तपिश के बीच मची अफरा-तफरी ने स्थिति को और भी भयावह बना दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और बचाव कार्यों के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

जान बचाने की जद्दोजहद: खिड़की और बाथरूम बने काल
हादसे के समय दूसरे फ्लोर पर स्थित कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे। जान बचाने की हताशा में कई छात्रों ने खुद को बाथरूम के भीतर बंद कर लिया था, ताकि वे धुएं से बच सकें। इस बीच, एक छात्र ने अपनी जान बचाने के लिए पहले फ्लोर से नीचे छलांग लगा दी, लेकिन दुर्भाग्यवश वह नीचे लगी ग्रिल पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमारत के भीतर फंसे अन्य लोगों की स्थिति को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश और बेचैनी व्याप्त है। सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए, लेकिन आग की तीव्रता के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन की सक्रियता: NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की 10 से अधिक गाड़ियां और एक विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को आग बुझाने के कार्य में लगाया गया है। NDRF और SDRF की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल रही हैं। फायरकर्मियों ने बचाव कार्य को तेज करने के लिए बिल्डिंग की पिछली दीवार को तोड़ दिया है, जिसके माध्यम से राहत कार्य चलाया जा रहा है और शवों को बाहर निकाला जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों का जायजा लिया। घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मौके पर 14 एंबुलेंस तैनात की गई हैं, ताकि उन्हें तुरंत अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके।
बिल्डिंग का विवरण: व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र थी इमारत
जिस इमारत में यह दर्दनाक हादसा हुआ, वह अलीगंज के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित है। जानकारी के अनुसार, इस तीन मंजिला बिल्डिंग के बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक संचालित हो रहे थे। वहीं, दूसरे फ्लोर पर ‘लर्निंग स्पेस’ नामक लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर के साथ-साथ ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ स्थित था, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता था। पुलिस के अनुसार, अभी भी लगभग 10 लोगों के भीतर फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने और मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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