धर्म

Mahabharata: महाभारत का अंतिम न्याय, भीम द्वारा दुर्योधन की जांघ पर प्रहार, धर्म या अधर्म का विवाद?

Mahabharata: महाभारत के विनाशकारी युद्ध के 18वें दिन तक कौरव सेना के लगभग सभी दिग्गज योद्धा वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। हार को निकट देख दुर्योधन अपनी जान बचाने के लिए एक गुप्त सरोवर के जल में छिप गया। जब पांडवों ने उसे ढूंढ निकाला और युद्ध के लिए ललकारा, तब वह बाहर आया। अंततः यह निर्णय हुआ कि भीम और दुर्योधन के बीच ‘गदा युद्ध’ होगा। दोनों ही योद्धा गदा युद्ध की कला में पारंगत थे और दोनों ने ही भगवान बलराम से इसकी विधिवत दीक्षा ली थी। यह युद्ध केवल दो योद्धाओं का शारीरिक संघर्ष नहीं था, बल्कि यह धर्म और अधर्म की पराकाष्ठा का परीक्षण भी था।

Mahabharata: भीम का वह वार जिसने युद्ध के सिद्धांतों को हिला दिया

भीम और दुर्योधन के बीच लंबे समय तक गदा युद्ध चलता रहा। दुर्योधन का शरीर अपनी माता गांधारी के वरदान के कारण वज्र के समान कठोर हो चुका था, जिसके कारण भीम के शक्तिशाली प्रहार भी निष्फल हो रहे थे। पांडवों की संभावित हार को देखते हुए भगवान श्रीकृष्ण ने भीम को संकेत दिया और अपनी जांघ की ओर इशारा किया। भीम तुरंत श्रीकृष्ण का संकेत समझ गए और उन्होंने गदा युद्ध के पारंपरिक नियमों को ताक पर रखकर दुर्योधन की जांघ पर भीषण प्रहार किया। इस प्रहार से दुर्योधन लहूलुहान होकर धराशायी हो गया, जिससे उसकी मृत्यु सुनिश्चित हो गई।

Mahabharata: शास्त्र और मर्यादा: क्यों अधर्म माना गया यह प्रहार?

प्राचीन गदा युद्ध के नियम अत्यंत कठोर थे। शास्त्रों के अनुसार, गदा युद्ध में किसी भी योद्धा पर नाभि के नीचे प्रहार करना पूरी तरह वर्जित था।

  • नियमों का उल्लंघन: युद्ध का सर्वमान्य सिद्धांत था कि प्रहार केवल कमर से ऊपर के शरीर पर ही किया जा सकता है। भीम का जांघ पर वार करना सीधे तौर पर छल और नियमों की अवहेलना थी।

  • बलराम का क्रोध: इस दृश्य को देख गुरु बलराम अत्यंत क्रोधित हो उठे। उन्होंने भीम को अधर्मी और छली करार देते हुए दंड देने का प्रयास किया। उनका तर्क था कि भीम ने उनके द्वारा सिखाई गई कला को कलंकित किया है, हालांकि श्रीकृष्ण ने उन्हें शांत कर न्याय और प्रतिज्ञा का महत्व समझाया।

क्या यह आवश्यक कर्म था? भीम के कृत्य के पीछे के तीन बड़े कारण

यद्यपि तकनीकी रूप से भीम का वार नियमों के विरुद्ध था, लेकिन इतिहासकार और आध्यात्मिक गुरु इसके पीछे तीन तार्किक कारण बताते हैं:

  1. द्रौपदी का अपमान और भीम की प्रतिज्ञा: द्यूत क्रीड़ा के दौरान दुर्योधन ने भरी सभा में द्रौपदी का अपमान करते हुए उन्हें अपनी नग्न जांघ पर बैठने का संकेत दिया था। उसी क्षण भीम ने यह प्रतिज्ञा ली थी कि वे युद्ध भूमि में दुर्योधन की उसी जांघ को अपनी गदा से खंडित कर देंगे। कुलवधू के सम्मान के लिए ली गई प्रतिज्ञा को पूरा करना भीम का धर्म था।

  2. गांधारी का वरदान और श्रीकृष्ण की चतुराई: माता गांधारी ने अपनी आंखों की पट्टी खोलकर दुर्योधन के शरीर को अभेद्य बनाने की कोशिश की थी। लेकिन श्रीकृष्ण की युक्ति के कारण दुर्योधन की कमर और जांघ का हिस्सा ढका रह गया, जिससे वही उसका एकमात्र कमजोर बिंदु (Achilles’ heel) बना।

  3. अधर्म का अंत अनिवार्य था: श्रीकृष्ण का मानना था कि जो व्यक्ति स्वयं जीवन भर अधर्म और छल के मार्ग पर चला हो—चाहे वह लाक्षागृह का षड्यंत्र हो, भीम को विष देना हो या शकुनि का कपटी जुआ—उसका अंत करने के लिए नियमों की मर्यादा को शिथिल करना अनिवार्य था। अधर्म के समूल विनाश के लिए कभी-कभी कठोर और विवादित निर्णय आवश्यक हो जाते हैं।

Read More: IPL 2026 boycott KKR: मुस्तफिजुर रहमान की खरीद पर छिड़ा विवाद, धीरेंद्र शास्त्री और देवकीनंदन ठाकुर ने दी कड़ी चेतावनी

Thetarget365

Recent Posts

IndiGo Airfare Hike: इंडिगो यात्रियों की जेब पर कैंची, जानें कल से किस रूट पर कितना बढ़ा किराया?

IndiGo Airfare Hike: देश की सबसे बड़ी और लोकप्रिय एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने हवाई…

6 hours ago

IPL 2026: KKR को लगा तगड़ा झटका, हर्षित राणा पूरे सीजन से बाहर, बिना मैच खेले मिलेंगे 4 करोड़! जानें असली वजह

IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के आगाज से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स…

6 hours ago

Instagram: इंस्टाग्राम का बड़ा फैसला, 8 मई से चैट्स नहीं रहेंगी प्राइवेट, मेटा हटाएगा एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर

Instagram: मेटा के लोकप्रिय फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' (Instagram) के यूजर्स के लिए…

8 hours ago

Strait of Hormuz: ईरान का भारत को बड़ा भरोसा, होर्मुज से मिलेगा सुरक्षित रास्ता, युद्ध के बीच तेहरान निभाएगा दोस्ती

Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच वैश्विक तेल संकट गहराता…

8 hours ago

This website uses cookies.