Maharashtra Politics:
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण द्वारा लातूर में दिए गए एक बयान ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। सोमवार को लातूर में भाजपा कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए चव्हाण ने कुछ ऐसी टिप्पणी की, जिसे कांग्रेस ने राज्य के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत विलासराव देशमुख का अपमान माना है। चव्हाण ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के उद्देश्य से ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगवाए और उसके तुरंत बाद कहा कि कार्यकर्ताओं का यह उत्साह देखकर उन्हें विश्वास है कि अब लातूर से विलासराव देशमुख की यादें मिटा दी जाएंगी। उनके इस बयान के बाद सभा में तालियां तो बजीं, लेकिन राज्य स्तर पर एक बड़ा विवाद शुरू हो गया।
चव्हाण की टिप्पणी के तुरंत बाद कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मुंबई से एक आधिकारिक बयान जारी किया। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा नेताओं के ऐसे बयान उनके ‘सत्ता के अहंकार’ और विलासराव देशमुख द्वारा महाराष्ट्र के विकास में दिए गए योगदान के प्रति उनकी अज्ञानता को दर्शाते हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि लातूर और विलासराव देशमुख एक-दूसरे के पूरक हैं। कांग्रेस के अनुसार, कई लोगों ने पहले भी देशमुख की विरासत को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन लातूर की स्वाभिमानी जनता ने हमेशा उन्हें उनकी सही जगह दिखा दी। पार्टी ने जोर देकर कहा कि देशमुख ने लातूर को न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
विलासराव देशमुख के बड़े बेटे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित देशमुख ने इस बयान को ‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’ बताया है। उन्होंने कहा कि चव्हाण की टिप्पणी ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे लातूर के नागरिकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। अमित देशमुख ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि उनके पिता लातूर के हर व्यक्ति के दिल में बसते हैं। कोई भी ‘बाहरी व्यक्ति’ आकर जनता के दिलों से उनकी यादें नहीं मिटा सकता। उन्होंने इसे भाजपा की ओछी राजनीति करार दिया और कहा कि आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी।
इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा बॉलीवुड अभिनेता और विलासराव के छोटे बेटे रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया की हो रही है। रितेश ने बेहद शालीन लेकिन तीखे अंदाज में चव्हाण को जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर कहा, “मैं अपने दोनों हाथ ऊपर करके यह कहता हूँ कि जो व्यक्ति लोगों के कल्याण के लिए काम करता है, उसका नाम कागजों पर नहीं बल्कि लोगों के मन के भीतर अंकित होता है।” रितेश ने आगे भावुक होते हुए कहा कि दीवारों या पत्थरों पर लिखा हुआ तो मिटाया जा सकता है, लेकिन जो नाम जनता के दिलों में गुदा हुआ हो, उसे दुनिया की कोई भी शक्ति नहीं मिटा सकती।
विलासराव देशमुख दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे और उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में गिना जाता है। लातूर उनका गृह नगर रहा है और वहां के विकास का पूरा श्रेय उन्हीं को दिया जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चव्हाण का यह बयान भाजपा के लिए उल्टा पड़ सकता है, क्योंकि देशमुख की विरासत आज भी लातूर और मराठवाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस का सबसे मजबूत आधार है। इस विवाद ने चुनाव से पहले सहानुभूति की लहर पैदा कर दी है, जिससे भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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