Surguja Weather
Surguja Weather: छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में मंगलवार की रात कुदरत का अलग ही नजारा देखने को मिला। रात के सन्नाटे में अचानक मौसम ने करवट बदली और करीब 25 मिनट तक ओले गिरे। इस ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कों, मैदानों और खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। मैनपाट के साथ-साथ सीतापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी छिटपुट बारिश और ओले गिरने की खबर है। हालांकि, देर रात होने के कारण लोग अपने घरों में दुबके रहे, लेकिन सुबह जब नजारा देखा तो हर तरफ बर्फ की मानिंद ओले ही ओले नजर आए।
सरगुजा संभाग के अधिकांश हिस्सों में पिछले दो-तीन दिनों से बादलों का डेरा जमा हुआ है। सोमवार को सूरजपुर और सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई थी, जबकि बलरामपुर के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं। मंगलवार को दिन भर उमस और बादलों की लुकाछिपी के बाद शाम होते ही हवाएं तेज हो गईं। उदयपुर में भी छिटपुट ओलावृष्टि की खबरें आई हैं। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पूरे संभाग में नमी बनी हुई है, जिससे स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं।
सरगुजा में 3 नवंबर के बाद यह पहली बड़ी बारिश है, लेकिन यह राहत के बजाय आफत बनकर आई है। मार्च के महीने में हुई इस ओलावृष्टि ने बागवानी फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। वर्तमान में आम के पेड़ बौरों से लदे हुए हैं और छोटी अंबिया निकल रही हैं, जो ओलों की मार झेलने में सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा, महुआ बीनने का सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन बारिश और ओलों के कारण महुआ की फसल जमीन पर ही खराब हो रही है। लीची के बागानों और टमाटर की खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह मौसम किसी बड़ी आर्थिक चोट से कम नहीं है।
लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने के कारण सरगुजा के तापमान में भी बड़ा फेरबदल देखा गया है। अंबिकापुर का अधिकतम तापमान जो 36.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, वह गिरकर अब 34 डिग्री के आसपास आ गया है। यानी अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन की तपिश कम हुई है। दूसरी ओर, बादलों के कवर के कारण न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि हुई है, जिससे रातें अपेक्षाकृत कम ठंडी महसूस हो रही हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सरगुजा संभाग में अभी राहत के आसार नहीं हैं। आगामी तीन दिनों तक पूरे क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे और अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में फिर से ओलावृष्टि और तेज अंधड़ चल सकता है। प्रशासन ने किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। आने वाले तीन दिन संभाग की कृषि व्यवस्था और सामान्य जनजीवन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
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