Mallikarjun Kharge statement : भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार रात स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। हालांकि, इस फैसले पर विपक्ष सहज रूप से भरोसा करने को तैयार नहीं है। विपक्षी दलों ने इसे एक अचानक राजनीतिक घटनाक्रम मानते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर सरकार को तो घेरा, लेकिन साथ ही उन्होंने धनखड़ की कार्यशैली की तारीफ भी कर दी। उन्होंने कहा कि धनखड़ ने किसानों की आवाज़ उठाई, न्यायपालिका की जवाबदेही पर बल दिया और जहाँ तक संभव हो सका, विपक्ष को मंच देने का प्रयास किया।
हालांकि जयराम रमेश के बयान के बाद कांग्रेस के भीतर ही असंतोष की लहर दौड़ गई। पार्टी के एक बड़े तबके ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से नाराजगी जताई कि एक समय जिन धनखड़ के खिलाफ पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था, अब उन्हीं की तारीफ क्यों की जा रही है?
इस आंतरिक असमंजस के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्टता के साथ पार्टी की लाइन तय कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “धनखड़ साहब जाएं या रहें, कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता। ये मोदी सरकार का आंतरिक प्रबंधन है, जिससे देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।”
कांग्रेस अब यह मानती है कि धनखड़ का इस्तीफा केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी और रहस्यमयी राजनीतिक रणनीति है। पार्टी का मानना है कि यह मोदी सरकार की आंतरिक खींचतान और नई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
खरगे के बयान के बाद जयराम रमेश ने धनखड़ पर कोई और टिप्पणी नहीं की, जिससे साफ है कि पार्टी की ओर से अब एकमत रुख अपनाया गया है। यह रणनीति कांग्रेस को एकजुट संदेश देने और आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए अहम मानी जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस धनखड़ को कांग्रेस ने कभी लोकतंत्र विरोधी और पक्षपाती कहकर घेरा था, उनके प्रति अब इतनी नरमी और प्रशंसा क्यों दिखाई जा रही है? क्या यह कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति में बदलाव है या किसी नए समीकरण की तैयारी? ये सवाल अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर मचाई है। कांग्रेस के भीतर भी इस मुद्दे पर विचारों की टकराहट देखने को मिली, लेकिन अध्यक्ष खरगे ने साफ रुख अपनाकर पार्टी को एक दिशा देने की कोशिश की है। अब आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि धनखड़ के इस्तीफे के पीछे की असल वजहें क्या सामने आती हैं।
Read More : Nag Panchami 2025 : नाग पंचमी 2025: कैसे हुई शुरुआत और क्यों प्रिय है पंचमी तिथि नागों को?
Bihar Crime News: बिहार के शिवहर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है…
PAK vs BAN Controversy: बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच 13 मार्च 2026 को ढाका के…
Iran Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही दशकों पुरानी अदावत अब एक बेहद…
Middle East Crisis: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में शांति की हर कोशिश अब दम तोड़ती…
Pak vs Afg War: दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव एक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया…
Middle East Crisis: तेहरान से आई हालिया तस्वीरों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर…
This website uses cookies.