Bengal Budget 2026
Bengal Budget 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्य का पिटारा खोल दिया है। गुरुवार को राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया गया। इस बजट का मुख्य केंद्र बिंदु लोक-लुभावन योजनाएं और आर्थिक सहायता है। चूंकि राज्य में अगले तीन महीनों के भीतर चुनाव होने हैं, इसलिए इस बजट को तृणमूल कांग्रेस का ‘चुनावी मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है। सरकार ने समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को साधने की पुरजोर कोशिश की है।
युवा मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘बांग्लार युवा साथी’ नाम की एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार युवाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह सहायता राशि तब तक दी जाएगी जब तक युवा को नौकरी नहीं मिल जाती या अधिकतम 5 साल की अवधि के लिए। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है, तो यह योजना 15 अगस्त से पूरे राज्य में लागू कर दी जाएगी। इस कदम को राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ममता सरकार की सबसे लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के बजट में भी भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। फरवरी महीने से महिलाओं को मिलने वाले मासिक भत्ते में 500 रुपये का इजाफा किया जाएगा। अब तक सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,200 रुपये मिलते थे, जिनमें अब क्रमशः 500 रुपये की वृद्धि होगी। इस योजना के विस्तार के लिए सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी, आशा वर्कर्स, ग्रीन पुलिस और ग्राम पुलिस के मासिक भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है।
राज्य के सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए बजट में महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को पूर्णतः लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वहीं, जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वयंसेवकों और पुलिस कर्मियों के लिए मृत्यु मुआवजे की भी घोषणा की गई है, जिससे सरकारी अमले में सकारात्मक संदेश गया है।
बजट में केवल भत्ते ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दिया गया है। राज्य में 5 नए MSME औद्योगिक पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे क्षेत्रों में गंगा के कटाव को रोकने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। साथ ही, ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘महात्मा श्री’ योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह योजना केंद्र की योजनाओं से स्वतंत्र रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित की जाएगी ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का वैध फंड रोक रखा है। बनर्जी ने कहा कि मनरेगा, ग्रामीण आवास और सर्व शिक्षा अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए वर्षों से पैसा नहीं दिया गया है। उन्होंने इसे राज्य की जनता के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि केंद्र के असहयोग के बावजूद बंगाल सरकार अपनी योजनाओं को अपने दम पर आगे बढ़ा रही है।
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