Mangalwar Vrat Puja
Mangalwar Vrat Puja Vidhi 2026: सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित है, और मंगलवार का दिन साहस, शक्ति और भक्ति के प्रतीक पवनपुत्र हनुमान जी का माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त पूर्ण श्रद्धा और समर्पण के साथ मंगलवार का व्रत रखते हैं, बजरंगबली उनके जीवन के सभी दुखों, कष्टों और ‘मंगल दोष’ के कुप्रभावों को दूर कर देते हैं। इस व्रत को न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि मानसिक शांति और इच्छाशक्ति बढ़ाने के लिए भी अत्यंत फलदायी माना गया है। यदि आप भी अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति चाहते हैं, तो मंगलवार व्रत के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
मंगलवार व्रत की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में जागने के साथ होनी चाहिए। इस दिन साधक को नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर स्नान आदि करना चाहिए। हनुमान जी को लाल रंग अति प्रिय है, इसलिए पूजा के दौरान लाल रंग के साफ-सुथरे कपड़े धारण करना शुभ माना जाता है। स्नान के पश्चात हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें। संभव हो तो अपने घर के पास स्थित किसी हनुमान मंदिर जाकर दर्शन अवश्य करें, क्योंकि मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देती है।
बजरंगबली की पूजा में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा की चौकी पर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें और उन्हें लाल पुष्प, अक्षत और सिंदूर अर्पित करें। चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को लेपन करना अत्यंत शुभ होता है। प्रसाद के रूप में आप गुड़-चना, बूंदी के लड्डू या शुद्ध बेसन के लड्डू चढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही तुलसी के पत्तों का अर्पण जरूर करें, क्योंकि तुलसी के बिना हनुमान जी का भोग पूर्ण नहीं माना जाता है। भगवान के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित कर उनकी आरती उतारें।
मंगलवार का व्रत रखने वाले जातकों के लिए भोजन के कड़े नियम बताए गए हैं। इस व्रत में दिन भर फलाहार किया जा सकता है, लेकिन शाम को सूर्यास्त के बाद केवल एक समय ही भोजन करना चाहिए। भोजन पूर्णतः सात्विक होना चाहिए और इसमें नमक का प्रयोग वर्जित माना गया है। मीठा भोजन (जैसे गुड़ या शक्कर से बनी चीजें) करना उत्तम रहता है। इसके अलावा, व्रत की अवधि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना और क्रोध, झूठ व हिंसा से दूर रहना अनिवार्य है। यह व्रत लगातार 21 या 45 मंगलवार तक रखने से पूर्ण सिद्ध होता है।
हनुमान चालीसा का पाठ इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इसे सुबह और शाम दोनों समय करना लाभकारी है। यदि समय का अभाव हो, तो कम से कम 7, 11 या 21 बार चालीसा का पाठ आसन पर बैठकर करें। इसके साथ ही ‘ॐ हं हनुमते नमः’ और ‘मनोजवं मारुततुल्यवेगं’ जैसे मंत्रों का जाप करने से मन एकाग्र होता है। ‘ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय’ मंत्र का जाप करने से असाध्य रोगों और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। पूजा के अंत में क्षमा याचना अवश्य करें ताकि जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए प्रभु आपको माफ कर सकें।
Purple Cap Winner IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) का रोमांचक समापन हो चुका…
RCB Champion : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु…
Suman Kalyanpur Death : भारतीय संगीत जगत से एक बेहद ही दुखद और झकझोर देने…
RCB wins IPL : क्रिकेट प्रेमियों के लिए रविवार की रात बेहद रोमांचक रही, जहां…
Myanmar Blast : एक तरफ जहां म्यांमार के राष्ट्रपति भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं,…
India Nepal Border Dispute : नेपाल के नवनिर्वाचित और युवा प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद…
This website uses cookies.