Manipur Earthquake: मणिपुर की राजधानी इंफाल सहित राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह प्राकृतिक घटना उस समय घटी जब मणिपुर विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र चल रहा था। दोपहर के लगभग 12:08 बजे, जब सदन की कार्यवाही पूरी गति से आगे बढ़ रही थी, अचानक धरती डोलने लगी। कंपन इतना प्रभावशाली था कि विधानसभा भवन के अंदर मौजूद सदस्य और कर्मचारी सहम गए। भूकंप के कारण पैदा हुई अनिश्चितता को देखते हुए सुरक्षा और एहतियात के तौर पर बजट सत्र की कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा, जिससे सदन में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

कांग्रेस विधायक के भाषण के दौरान आया भूकंप: कार्यवाही रुकी
भूकंप का झटका उस समय महसूस किया गया जब कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र अपना संबोधन दे रहे थे। मेघचंद्र जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (PHED) से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे और ‘जल जीवन मिशन’ पर एक प्रस्ताव पेश कर रहे थे। जैसे ही जमीन कांपने लगी, वरिष्ठ विधायक ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी कंपन महसूस किया और एक-दूसरे की ओर देखने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने त्वरित निर्णय लिया और 60 सदस्यीय सदन को 5 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
भूकंप की तीव्रता और केंद्र: कामजोंग जिले में था एपीसेंटर
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.3 मापी गई। भूकंप का केंद्र (एपीसेंटर) मणिपुर का कामजोंग जिला था। वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, यह भूकंप सतह से करीब 45 किलोमीटर की गहराई पर उत्पन्न हुआ था। NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि करते हुए बताया कि भूकंप 17 मार्च 2026 को दोपहर 12:08:51 बजे आया। हालांकि तीव्रता बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन विधानसभा जैसी संवेदनशील इमारतों में इसे स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। 4.3 तीव्रता के झटके आमतौर पर खिड़कियों के हिलने और हल्की आवाज पैदा करने के लिए जाने जाते हैं।
जान-माल के नुकसान की स्थिति: फिलहाल राहत की खबर
गनीमत यह रही कि इस भूकंप से अब तक किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। विधानसभा सचिवालय और जिला प्रशासन की शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, विधानसभा भवन या उसके आस-पास की किसी भी इमारत में दरारें आने या गिरने की कोई खबर नहीं है। परिसर के भीतर मौजूद मंत्रियों, विधायकों और कर्मचारियों में से किसी के घायल होने की भी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। 5 मिनट के स्थगन के बाद जब कंपन पूरी तरह शांत हो गया, तो सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई और सामान्य रूप से कामकाज चलता रहा।
पुराने जख्म हुए ताजा: 2016 के विनाशकारी भूकंप की यादें
मंगलवार को आए इन झटकों ने मणिपुर के लोगों के मन में 4 जनवरी, 2016 की कड़वी यादें ताजा कर दीं। उस समय राज्य में 6.7 तीव्रता का एक अत्यंत विनाशकारी भूकंप आया था, जिसने व्यापक स्तर पर तबाही मचाई थी। उस त्रासदी में 8 लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। उस दौरान इंफाल का ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध ‘इमा कैथेल’ (मदर्स मार्केट) भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। चूंकि पूर्वोत्तर भारत भूकंपीय जोन 5 में आता है, इसलिए प्रशासन हमेशा हाई अलर्ट पर रहता है। वर्तमान बजट सत्र, जो 9 मार्च को शुरू हुआ था, सुरक्षा मानकों के साथ जारी है।
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