Manipur Violence Feb 2026
Manipur Violence Feb 2026: मणिपुर की धरती एक बार फिर जातीय हिंसा और आगजनी की लपटों से घिर गई है। लंबे समय से जारी अस्थिरता के बीच अब अशांति का नया केंद्र उखरुल जिला बन गया है। यहाँ दो प्रमुख आदिवासी समुदायों—तंगखुल नगा और कुकी—के बीच उपजे एक मामूली विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। ताजा घटनाक्रम में, सशस्त्र उपद्रवियों ने कई घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। हवा में गूंजती गोलियों की आवाज और जलते हुए मकानों ने पूरे इलाके में दहशत पैदा कर दी है। राज्य सरकार और सुरक्षा बल शांति बहाली की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन समुदायों के बीच अविश्वास की खाई गहरी होती जा रही है।
हिंसा की पटकथा लिटान गांव में लिखी गई, जहां एक मामूली आपसी विवाद के बाद लोगों के एक समूह ने तंगखुल नगा समुदाय के एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था। शुरुआत में ऐसा प्रतीत हो रहा था कि स्थिति नियंत्रण में है, क्योंकि दोनों पक्षों के बुजुर्ग पारंपरिक सामाजिक तरीकों से समाधान निकालने पर सहमत हो गए थे। हालांकि, शांति की यह उम्मीद तब टूट गई जब रविवार को निर्धारित सुलह बैठक आयोजित होने के बजाय अचानक हिंसा भड़क उठी। आरोप है कि पास के सिकिबुंग गांव के लोगों ने लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर हमला कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
रविवार की मध्यरात्रि को स्थिति हाथ से बाहर निकल गई। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, कुकी उग्रवादियों ने कथित तौर पर तंगखुल नगा समुदाय के कई रिहाइशी घरों को निशाना बनाया और उन्हें आग लगा दी। इस हमले के प्रतिशोध में दूसरे पक्ष की ओर से भी कुकी समुदाय के घरों और संपत्तियों पर हमला किया गया। उखरुल के पहाड़ी इलाकों में चारों ओर धुएं के गुबार और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। इस जातीय संघर्ष ने एक बार फिर राज्य की नाजुक कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहाँ मामूली विवाद भी अब बड़े हथियारों के साथ खूनी संघर्ष में बदल रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस हिंसा की डरावनी तस्वीर पेश कर रहे हैं। इन वीडियो में नकाबपोश हथियारबंद लोग अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों से हवा में गोलियां चलाते और सरेआम संपत्तियों को जलाते देखे जा सकते हैं। स्थिति की गंभीरता और किसी भी संभावित जनहानि को रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास ने उखरुल जिले में तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। प्रशासन ने रविवार शाम से ही इंटरनेट सेवाओं और लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लगा दी है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके।
कानून व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के लिए महादेव, लंबुई और शांगकाई जैसे संवेदनशील इलाकों में असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को कई जगहों पर आंसू गैस के गोलों का प्रयोग करना पड़ा। वर्तमान में वरिष्ठ अधिकारी ड्रोन और पैदल गश्त के जरिए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। मणिपुर की सबसे बड़ी नगा जनजाति तंगखुल और कुकी समुदाय के बीच बढ़ता यह नया तनाव राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जो पहले से ही मैतेई-कुकी संघर्ष को सुलझाने में जुटी हुई है।
Raipur Meat Ban: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी मार्च महीने के दौरान तीन विशेष…
Amit Shah Guwahati Rally: असम की राजधानी गुवाहाटी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए…
Balrampur News : मनरेगा योजना की रक्षा और संगठन को वार्ड, पंचायत व बूथ स्तर…
Sarfaraz Ahmed retirement: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट के…
Ambikapur News : सरगुजा संभागीय सर्व ब्राह्मण समाज की महत्वपूर्ण बैठक में संगठन को मजबूत…
West Bengal Poll Dates 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने साल 2026 के सबसे बड़े…
This website uses cookies.