Manipur Violence : मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और अज्ञात हमलावरों के बीच झड़प में एक बुजुर्ग कुकी महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि महिला गोलीबारी में फंस गई।यह घटना उस समय घटी जब सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया था। यह अभियान बिष्णुपुर जिले में खेत में काम करते समय मैतेई के एक किसान को गोली लगने के बाद शुरू किया गया था। बताया जा रहा है कि आसपास की पहाड़ियों से गोलियां चलाई गईं।

दरअसल, 7 जून को मैतेई नेता अशेम कानन सिंह की गिरफ्तारी के बाद राज्य में हिंसा भड़क गई थी। इंफाल के कई इलाकों में वाहनों को आग लगा दी गई थी, सड़कों पर टायर और पुराने फर्नीचर भी जलाए गए थे। पुलिस के साथ झड़प के अलावा प्रदर्शनकारियों ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने की भी कोशिश की।सीबीआई ने अशेम को गिरफ्तार कर लिया। वह मणिपुर पुलिस में हेड कांस्टेबल थे। आपराधिक गतिविधि में संलिप्त होने के कारण उन्हें मार्च में निलंबित कर दिया गया था। वह अरामबाई टेंगोल (एटी) का सदस्य था और पुलिस में रहते हुए सीमा पार हथियारों की तस्करी करता था।
आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं
मणिपुर में हिंसा के बाद राजमार्गों पर नाकेबंदी और परिवहन मार्ग बाधित होने से आम आदमी को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से चुराचांदपुर और राजधानी इंफाल में भोजन और दवा की भारी कमी है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं।
कई हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में तो दवा भी उपलब्ध नहीं है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “अब हर चीज मिजोरम आ रही है, इसलिए उनके दाम बढ़ गए हैं।” स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही।
चुराचांदपुर को कुकी समुदाय का गढ़ माना जाता है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 2 और 37 पर स्थित है, जो असम और नागालैंड को मणिपुर से जोड़ता है। अब ये मार्ग बंद हो गए हैं, जिसके कारण ट्रकों को मिजोरम से होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसके कारण परिवहन लागत बढ़ रही है।
पांच जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। इनमें इम्फाल पश्चिम, इम्फाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर शामिल हैं। इम्फाल पूर्व और बिष्णुपुर में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है।
13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू
मणिपुर में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, लेकिन मौजूदा विधानसभा को भंग नहीं किया गया है। इसे अभी स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, 30 अप्रैल को 21 विधायकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर राज्य में तत्काल लोकप्रिय सरकार बनाने की मांग की थी। पत्र पर 14 भाजपा विधायकों ने हस्ताक्षर किये हैं।इसके बाद 28 मई को एनडीए के 10 विधायकों ने इंफाल राजभवन में राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात की। इनमें से एक विधायक ने भास्कर को बताया, ‘नई सरकार के ढांचे पर चर्चा हुई है।’
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