बिलासपुर@thetarget365 : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अधोसंरचना के क्षेत्र में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नागपुर मंडल के अंतर्गत राजनांदगांव-कलमना रेलखंड के बीच तीसरी रेल लाइन को गोंदिया स्टेशन से जोड़ने हेतु इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग और विद्युतीकरण का कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य 23 अप्रैल से 06 मई 2025 तक चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।
राजनांदगांव-कलमना तीसरी लाइन परियोजना इस क्षेत्र की अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर आधारित है। इस नई लाइन के निर्माण से न केवल परिचालन की गति बढ़ेगी बल्कि समय की पाबंदी, नई ट्रेनों का संचालन और यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। लगभग 228 किलोमीटर लंबी इस लाइन की कुल लागत 3540 करोड़ रुपये है।
रेलवे प्रशासन इस कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग के चलते कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होगा। कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी, तो कुछ को गंतव्य से पहले समाप्त किया जाएगा।
प्रभावित गाड़ियाँ:
इस कार्य के कारण 25 अप्रैल से 07 मई 2025 के बीच कई लोकल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें रद्द की गई हैं। रद्द की गई ट्रेनों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित ट्रेनें शामिल हैं:
- गोंदिया-कटंगी मेमू स्पेशल (78803/78804),
- रायपुर-नैनपुर पैसेंजर (58205/58206),
- गोंदिया-नैनपुर मेमू (68743/68744),
- गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू (68861/68862),
- रीवा-नैनपुर एक्सप्रेस (11754/11753),
- ओखा-हावड़ा एक्सप्रेस (22905/22906),
- लोकमान्य तिलक-पूरी एक्सप्रेस (12145/12146),
- पूरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस (12843/12844),
- हावड़ा-सीएसटी मेल (12810/12809),
- बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231/15232),
- गोडवाना एक्सप्रेस (12410/12409),
- गोंदिया-रायगढ़ एक्सप्रेस (12070/12069),
- बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत (20825/20826),
- पूरी-सूरत एक्सप्रेस (22827/22828),
- थिरुवनंथपुरम-कोरबा एक्सप्रेस (22648/22647),
- इरनाकुलम-बिलासपुर एक्सप्रेस (22815/22816),
- तिरुनेलवेली-बिलासपुर एक्सप्रेस (22620/22619),
- बिलासपुर-चेन्नई एक्सप्रेस (12851/12852),
- हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस (17005/17006),
- सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस (17007/17008),
- वास्कोडिगामा-जसीडीह एक्सप्रेस (17321/17322) आदि।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पूर्व संबंधित ट्रेनों की स्थिति की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से प्राप्त कर लें। यह असुविधा केवल सीमित समय के लिए है, जिससे दीर्घकालिक लाभ की नींव रखी जा रही है।
यह परियोजना भविष्य में इस क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व भारत से तेज़, सुरक्षित और सुलभ रेल सेवा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।