Masood Azhar audio
Masood Azhar audio: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो में, जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर अपने जेल के समय को याद करते हुए भावनात्मक हो गया और उसने जेल में बिताए गए समय को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। अजहर ने कबूल किया कि उसने और उसके साथियों ने मिलकर कोट भलवाल जेल से भागने के लिए एक सुरंग बनाई थी।
मसूद अजहर के दावे के अनुसार, उसने जम्मू-कश्मीर की कोट भलवाल जेल में बंद रहने के दौरान अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर जेल से फरार होने की पूरी योजना बनाई थी। इस योजना के तहत, उन्होंने जेल से भागने के लिए एक सुरंग खोदी। उसने बताया कि सुरंग खोदने के लिए बाहर से औजार भी मंगाए गए थे। आतंकी सरगना ने दावा किया कि भागने की पूरी तैयारी हो चुकी थी, लेकिन दुर्भाग्यवश, आखिरी दिन जेल प्रशासन को इसकी भनक लग गई और सुरंग का पता चल गया। इसके बाद, अजहर और उसके सभी साथियों के साथ पुलिस ने सख्ती दिखाई और उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
मसूद अजहर ने वायरल ऑडियो में यह भी बताया कि सुरंग पकड़े जाने के बाद जेल अधिकारियों और पुलिस ने उनके और उनके साथियों के साथ किस तरह का व्यवहार किया। अजहर ने आरोप लगाया कि जेल अधिकारियों ने उन सभी को बुरी तरह पीटा, जिससे उनके पूरे शरीर से खून बहने लगा। उसने दावा किया कि उसके साथियों के जिस्म (शरीर) मार के कारण सूजकर डबल रोटी जैसे हो गए थे।
अजहर ने आरोप लगाया कि इस दौरान खाने-पीने से लेकर पेशाब तक पर पाबंदी लगा दी गई थी, जिससे उनकी हालत और भी दयनीय हो गई थी।मसूद अजहर ने बताया कि सुरंग के बारे में पूछताछ के लिए उसे एक अधिकारी के पास ले जाया गया, जिसे उसने बेहद जालिम (क्रूर) बताया। उसने दावा किया कि उसे जंजीरों से बांधकर रखा गया और लगातार गालियां दी जाती रहीं। अजहर के अनुसार, इस कठिन समय के दौरान वह और उसके साथी सिर्फ अल्लाह से दुआ कर रहे थे।
कोट भलवाल जेल की उन भयानक यादों को बयान करते हुए मसूद अजहर आज भी कथित तौर पर जेल अधिकारियों के खौफ की बात करता है। फिलहाल, आतंकी मसूद अजहर के इस वायरल ऑडियो को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच कर रही हैं। यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि टीवी9 भारतवर्ष नहीं करता है और न ही इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
यह वही आतंकी मसूद अजहर है जो 1994 से 1999 तक जम्मू-कश्मीर की कोट भलवाल जेल में बंद रहा था।मसूद अजहर की रिहाई का संबंध एक बड़े घटनाक्रम से जुड़ा है। दिसंबर 1999 में, चरमपंथियों ने एक भारतीय विमान (IC 814) का अपहरण कर उसे कंधार ले गए थे। अपहृत विमान के यात्रियों को सुरक्षित छोड़ने के बदले, भारत सरकार को मसूद अजहर समेत तीन चरमपंथियों को रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिसके बाद उसे जेल से छोड़ दिया गया। मसूद अजहर भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है और वह लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर में एक बड़ा खतरा बना हुआ है।
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