Matthew Van Dyke Bail : आतंकी साजिश से जुड़े मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को मिली डिफॉल्ट जमानत के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी नागरिक से जुड़े मामले में सरकार की कार्रवाई और उसके बाद मिली कानूनी राहत कई सवाल खड़े करती है। वहीं, अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक वैन डाइक को जांच एजेंसी द्वारा निर्धारित अवधि में UAPA से संबंधित चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के आधार पर डिफॉल्ट जमानत मिली।
दिल्ली की अदालत ने दी थी डिफॉल्ट जमानत
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष NIA न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने 18 सितंबर को वैन डाइक को डिफॉल्ट जमानत दी थी। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत प्रदान की। अदालत ने माना कि NIA की ओर से दाखिल चार्जशीट में फिलहाल इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट से संबंधित धाराएं शामिल थीं, जबकि UAPA के तहत जांच जारी थी। इसी आधार पर अदालत ने वैधानिक अवधि के भीतर जांच पूरी नहीं होने से डिफॉल्ट जमानत का अधिकार माना।
NIA की जांच अभी पूरी नहीं हुई है
अदालती कार्यवाही के दौरान NIA ने बताया कि UAPA से जुड़े पहलू की जांच अभी जारी है। एजेंसी ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि पर्याप्त सामग्री सामने आती है, तो पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। यानी जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मामले की जांच समाप्त हो गई है। NIA ने मामले में अंतिम क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल नहीं की है और जांच जारी रहने की बात कही है।
वैन डाइक समेत सात विदेशी नागरिक गिरफ्तार हुए थे
मैथ्यू वैन डाइक को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था। NIA ने आरोप लगाया था कि इन विदेशी नागरिकों ने भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाई। मामले में UAPA की धारा 18 के तहत FIR दर्ज की गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों से म्यांमार और ड्रोन प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही थी।
कांग्रेस ने अमेरिकी दबाव का लगाया आरोप
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि वैन डाइक की रिहाई और अमेरिका लौटने की अनुमति के पीछे अमेरिकी दबाव की भूमिका हो सकती है। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों और भारतीय अधिकारियों के बीच कथित बातचीत का भी उल्लेख किया। हालांकि, यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप है और अदालत के आदेश में अमेरिकी दबाव को जमानत या यात्रा अनुमति का कारण नहीं बताया गया है।
वीजा और भारत आने पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि जिन विदेशी नागरिकों के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच हो रही थी, उन्हें भारत का वीजा कैसे मिला। उन्होंने यह जानना चाहा कि उन्हें भारत के रास्ते म्यांमार जाने की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत मिली। रमेश ने इस पूरे मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्पष्टीकरण देने की मांग की और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर जवाबदेही तय करने की बात कही।
UAPA को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकों से जुड़े UAPA मामलों में सरकार कठोर रुख अपनाती है और मुकदमों को लंबे समय तक चलाया जाता है। उन्होंने वैन डाइक के मामले को इससे अलग उदाहरण बताते हुए केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर विदेशी नागरिक के खिलाफ UAPA जांच जारी थी, तो मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति कैसे बनी।
अदालत ने विदेश जाने की भी दी अनुमति
बाद में राउज एवेन्यू कोर्ट ने वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने-अपने देश जाने की अनुमति दी। अदालत ने उनके पासपोर्ट जारी करने और निर्धारित शर्तों के तहत अमेरिका तथा यूक्रेन जाने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि आरोपियों ने जांच में आवश्यकता पड़ने पर शामिल होने की इच्छा जताई है।
आतंकी साजिश मामले में जांच जारी
इस पूरे मामले में फिलहाल कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। वैन डाइक को डिफॉल्ट जमानत मिल चुकी है, लेकिन UAPA से जुड़े पहलुओं की NIA जांच जारी है। एजेंसी आगे की जांच के आधार पर पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस के राजनीतिक सवालों के बीच मामले की अगली कानूनी कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।
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