Ambikapur News : शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के संगम का भव्य दृश्य उस समय देखने को मिला जब राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर में वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सांस्कृतिक, क्रीड़ा एवं सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम मुख्य अतिथि मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य तथा चिन्तामणि महाराज, सांसद सरगुजा लोकसभा क्षेत्र की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। समारोह में सत्र 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मैडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों, क्रीड़ा, एनएसएस, एनसीसी और स्वीप कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मंजूषा भगत, महापौर नगर निगम अंबिकापुर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. रिज़वान उल्ला, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा मंचासीन रहे।

मुख्य अतिथि राजेश अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों की तपस्या को अपनी मेहनत से सफल बनाना चाहिए। उन्होंने मोबाइल के सीमित उपयोग और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता पर बल देते हुए छात्राओं को समाज में आगे बढ़कर व्यवसाय और रोजगार के क्षेत्र में अग्रसर होने का संदेश दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में सांसद चिन्तामणि महाराज ने पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता और सरगुजा क्षेत्र का नाम रोशन करें तथा जीवन में निरंतर सफलता की ओर अग्रसर रहें।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिन्हा द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुति के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को आकर्षक बना दिया।
समारोह में भाजपा नेताओं सहित नगर के अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समारोह ने न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित किया, बल्कि विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता की भावना भी जागृत की।
















