Mojtaba Khamenei News: ईरान के राजनीतिक गलियारों से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिज्ञों और खुफिया एजेंसियों को चौंका दिया है। ईरान के नए संभावित सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर एक लीक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने सनसनी मचा दी है। इस रिकॉर्डिंग से यह खुलासा हुआ है कि मोजतबा ने अमेरिका और इजरायल के एक भीषण संयुक्त मिसाइल हमले में अपनी जान बहुत ही नाटकीय और चमत्कारिक ढंग से बचाई थी। इस खुलासे के बाद ईरान के भीतर सत्ता के शीर्ष स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की लीडरशिप को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सेकंडों का फासला: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और मोजतबा का बचाव
ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी एक गुप्त बैठक की ऑडियो रिकॉर्डिंग से लीक हुई है। बताया जा रहा है कि यह बैठक 12 मार्च को वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरुओं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के शीर्ष कमांडरों के बीच हुई थी। बैठक में प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहेर हुसैनी ने बताया कि 28 फरवरी 2026 को इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के सर्वोच्च परिसर को निशाना बनाया था। मोजतबा उस वक्त अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ इमारत के अंदर ही मौजूद थे, लेकिन हमले से चंद सेकंड पहले एक जरूरी काम के लिए वे आंगन की ओर निकले और तभी इजरायली ‘ब्लू स्पैरो’ बैलिस्टिक मिसाइलें वहां आ गिरीं।
भीषण तबाही का मंजर: शीर्ष नेतृत्व का हुआ अंत
लीक ऑडियो में उस हमले की बर्बरता का जो वर्णन किया गया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। परिसर पर कुल तीन घातक मिसाइलें दागी गई थीं। इस हमले में मोजतबा के पिता अयातुल्ला अली खामेनेई और दर्जनों वरिष्ठ अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि ईरानी सैन्य प्रमुख मोहम्मद शिराजी के शरीर के परखच्चे उड़ गए। वहीं मोजतबा के बहनोई मिस्बाह अल-हुदा बाघेरी कानी की भी इस हमले में दर्दनाक मौत हो गई। इस हमले ने एक ही झटके में ईरान के सैन्य और धार्मिक नेतृत्व के एक बड़े हिस्से को समाप्त कर दिया, जिससे देश में एक बड़ा वैक्यूम पैदा हो गया है।
मोजतबा की सेहत पर सस्पेंस: पैर खोने और चेहरे के विकृत होने की चर्चा
हालांकि मोजतबा इस हमले में जीवित बच गए, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। हमले में उनकी पत्नी हद्दाद की मौत हो गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा के पैर में गंभीर चोट आई है। कुछ अपुष्ट मीडिया रिपोर्टों में यहाँ तक दावा किया गया है कि उन्होंने अपना एक पैर खो दिया है। युद्ध शुरू होने के बाद से वे एक बार भी सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, जिसके कारण उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच उनकी स्थिति को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। क्या वे वास्तव में शासन चलाने की स्थिति में हैं, यह अभी भी एक अनुत्तरित प्रश्न है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान: क्या जीवित हैं मोजतबा खामेनेई?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस रहस्यमयी स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देकर आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसी खुफिया खबरें हैं कि मोजतबा का चेहरा हमले में बुरी तरह विकृत हो चुका है या उन्होंने अपना पैर गंवा दिया है। ट्रंप ने संदेह जताते हुए कहा, ‘हमें पुख्ता तौर पर नहीं पता कि वे जीवित हैं या नहीं, क्योंकि उन्हें लंबे समय से किसी ने नहीं देखा है।’ वर्तमान में मोजतबा खामेनेई का गुप्त ठिकाना और उनकी वास्तविक मेडिकल रिपोर्ट पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रहस्य बनी हुई है।

















