Monsoon Session 2025 : संसद का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र सोमवार, 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और यह 21 अगस्त तक चलेगा। कुल 32 दिन के इस सत्र में 18 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस दौरान 15 से अधिक विधेयक पेश किए जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते 13 और 14 अगस्त को संसद की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
पीएम देंगे सत्र से पहले मीडिया को संबोधन
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे सरकार के एजेंडे और मानसून सत्र की प्राथमिकताओं पर विचार रख सकते हैं। इस बार संसद में कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाने हैं, जिनमें इनकम टैक्स बिल, मणिपुर GST संशोधन बिल और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल शामिल हैं।
इनकम टैक्स बिल से बदलेगा 60 साल पुराना कानून
सत्र के पहले दिन ही नए इनकम टैक्स बिल पर बनी संसदीय समिति की रिपोर्ट लोकसभा में पेश की जाएगी। समिति ने इस पर 285 सुझाव दिए हैं। 622 पन्नों का यह नया विधेयक 1961 के इनकम टैक्स एक्ट की जगह लेगा। यह बिल कर प्रणाली में बड़े बदलाव लाने का प्रयास है।
विपक्ष तैयार हंगामे के लिए, पीएम से चाहते हैं जवाब
रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने मानसून सत्र में सरकार को घेरे जाने के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री को देश के मुखिया होने के नाते अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए और विवादित मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
भारत-पाक संघर्ष विराम और ट्रम्प के दावों पर विपक्ष सख्त
गौरव गोगोई ने कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद जो घटनाक्रम सामने आए हैं, उन पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने भारत-पाक युद्ध में सीजफायर कराया। गोगोई ने कहा कि इससे भारत की गरिमा और सेना के शौर्य पर प्रश्नचिह्न लगता है।
AAP ने उठाया ऑपरेशन सिंदूर का मुद्दा
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी सर्वदलीय बैठक में सरकार से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार दावा कर रहे हैं कि अमेरिका ने 5 जेट गिराने के बाद भारत-पाक के बीच ट्रेड डील के बदले सीजफायर कराया। संजय सिंह ने मांग की कि इस पर भारत सरकार को संसद में स्पष्ट बयान देना चाहिए।
संभावित हंगामेदार रहेगा सत्र
इन सभी मुद्दों को देखते हुए साफ है कि संसद का यह मानसून सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। विपक्ष सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और पारदर्शिता के मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी में है। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री इन गंभीर आरोपों और दावों पर संसद में क्या जवाब देते हैं।