Moscow Blast:
Moscow Blast: रूस की राजधानी मॉस्को मंगलवार की आधी रात को एक भीषण बम धमाके से दहल उठी। यह दुखद घटना सेंट्रल मॉस्को स्थित सव्योलोव्स्की (Savyolovsky) रेलवे स्टेशन के पास घटित हुई। जानकारी के अनुसार, जब शहर सो रहा था, तभी एक अज्ञात हमलावर ने ट्रैफिक पुलिस की पेट्रोल गाड़ी को निशाना बनाते हुए एक शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण में धमाका कर दिया। इस हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी गूँज दूर तक सुनी गई और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया।
रूस के गृह मंत्रालय की मॉस्को शाखा द्वारा टेलीग्राम पर साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह विस्फोट सुबह करीब 12:05 बजे हुआ। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर पैदल ही पुलिस की पेट्रोल गाड़ी के करीब पहुँचा और मौका पाते ही विस्फोटक को ट्रिगर कर दिया। इस कायराना हमले में एक पुलिस अधिकारी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, पास में मौजूद दो अन्य अधिकारी धमाके की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
रूसी जांच अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि इस हमले को अंजाम देने वाला संदिग्ध भी विस्फोट के दौरान मौके पर ही मारा गया। हालांकि, हमलावर की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है। अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि हमलावर किसी विशेष आतंकवादी संगठन से जुड़ा था या वह कोई ‘लोन वुल्फ’ हमलावर था। इस्तेमाल किए गए विस्फोटक की प्रकृति और हमले के पीछे के असल मकसद की गहराई से जांच की जा रही है। मौके से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोटक कितना घातक था और इसे कहाँ तैयार किया गया था।
रूस की सबसे शक्तिशाली जांच संस्था ‘इन्वेस्टिगेटिव कमिटी’, जो आमतौर पर बेहद गंभीर अपराधों की जांच संभालती है, ने इस घटना का संज्ञान लिया है। समिति ने इस मामले में आपराधिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमलावर के खिलाफ कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या के प्रयास और अवैध रूप से विस्फोटक उपकरण रखने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच टीम स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर के आने के रास्ते और उसके मददगारों (यदि कोई हो) का सुराग लगाया जा सके।
यह हमला ऐसे अत्यंत संवेदनशील समय पर हुआ है जब रूस यूक्रेन पर अपनी सैन्य कार्रवाई की चौथी वर्षगांठ (24 फरवरी 2022) मना रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस फैसले के बाद से यूरोप में दशकों का सबसे बड़ा संघर्ष जारी है। ऐसे प्रतीकात्मक दिन पर राजधानी के हृदय स्थल में हमला होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। रूस सरकार ने अभी तक इस हमले के लिए किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। लेकिन, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस हमले के तार यूक्रेन या किसी विदेशी एजेंसी से जुड़ते हैं, तो पहले से ही जारी युद्ध की विभीषिका और अधिक भयावह रूप ले सकती है।
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