Mungeli Crime
Mungeli Crime : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक छोटे भाई ने करोड़ों की संपत्ति और सोने के लालच में अपने ही बड़े भाई की सुपारी देकर हत्या करवा दी। मृतक की पहचान 62 वर्षीय दामोदर सिंह राजपूत के रूप में हुई है, जो शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरी वारदात के पीछे संपत्ति हड़पने की गहरी साजिश थी। हत्या की इस खौफनाक योजना को अंजाम देने के लिए बाकायदा पेशेवर तरीके से डील की गई थी।
पुलिस के अनुसार, दामोदर सिंह के पास लगभग 4 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और 30 तोला सोना था। आरोपी छोटा भाई रणजीत सिंह इन संपत्तियों पर अपनी नजरें गड़ाए हुए था। उसने गांव के ही एक युवक, संजय यादव, के साथ मिलकर हत्या का सौदा तय किया। इस खूनी खेल के लिए 10 लाख रुपये नकद और 50 डिसमिल जमीन देने का वादा किया गया था। साजिश को पुख्ता करने के लिए रणजीत ने साढ़े 4 लाख रुपये एडवांस के तौर पर पहले ही दे दिए थे। इस वारदात में पूर्व कांग्रेस नेता और चार नाबालिगों सहित कुल 15 लोग शामिल पाए गए हैं।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दामोदर सिंह मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे और उनका अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। घर की इसी फूट और कलह का फायदा छोटे भाई रणजीत ने उठाया। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और एक नोटरी भी तैयार करवाई थी, जिसमें यह दिखाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति अपने भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। यह सब इसलिए किया गया ताकि हत्या के बाद संपत्ति पर कानूनी दावा आसानी से किया जा सके।
21 मार्च को इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया। योजना के तहत रणजीत ने अपने बड़े भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल गांव बुलाया। जब दामोदर रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके से गुजर रहे थे, तभी संजय यादव और उसके साथियों ने उनकी गाड़ी रोक ली। आरोपियों ने मौका पाकर गमछे से दामोदर का गला घोंट दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी आरोपियों ने एक सड़क हादसे के जरिए उन्हें मारने की असफल कोशिश की थी।
हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने के लिए आरोपियों ने हर संभव कोशिश की। शव को कार में रखकर ठिकाने लगाने के लिए वे कवर्धा की ओर निकले। रास्ते में पहली कार खराब हुई, तो दूसरी कार मंगवाकर शव को शिफ्ट किया गया। घटनास्थल से करीब 60 किलोमीटर दूर देक्सय जंगल में नदी के किनारे गड्ढा खोदकर लाश को रेत में दफना दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक का मोबाइल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भेज दिया गया, ताकि लोकेशन वहां की आए, और बाद में उसे गंगा नदी में फिंकवा दिया गया।
दामोदर सिंह के लापता होने के बाद पुलिस ने जब बारीकी से तकनीकी जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। 8 दिनों की सघन जांच के बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए सभी 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से शव को बरामद कर लिया है। इस घटना ने पूरे मुंगेली जिले को स्तब्ध कर दिया है कि कैसे धन के लोभ में एक सगे भाई ने खून के रिश्तों का गला घोंट दिया।
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