Voter List Hearing
Voter List Hearing: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) की प्रक्रिया जोरों पर है। इस दौरान मुर्शिदाबाद जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यहाँ एक युवक अपनी शादी के दिन, सेहरा बाँधकर और शादी के जोड़े में सज-धजकर मतदान केंद्र पहुँचा। लेकिन वह वोट डालने नहीं, बल्कि अपनी नागरिकता और पहचान की पुष्टि के लिए ‘एसआईआर हियरिंग’ की लाइन में खड़ा नजर आया।
यह दिलचस्प घटना मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज ब्लॉक नंबर 2 के अंतर्गत आने वाले समसारा नगर ग्राम पंचायत इलाके की है। यहाँ के निवासी नयन शेख की शुक्रवार को शादी थी। घर में बारात रवानगी की तैयारियाँ चल रही थीं, लेकिन नयन के लिए अपनी ‘वोटर लिस्ट हियरिंग’ को पूरा करना भी उतना ही जरूरी था। नयन को डर था कि यदि वह आज सुनवाई में शामिल नहीं हुए, तो उनका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। इसीलिए, वह सीधे पंचायत दफ्तर पहुँच गए।
दूल्हे को पंचायत कार्यालय के बाहर कार में इंतज़ार करते देख वहाँ मौजूद पश्चिम बंगाल के बिजली राज्य मंत्री अखरुज्जमां दंग रह गए। मंत्री ने जब स्थिति को समझा, तो उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। अखरुज्जमां ने देखा कि लाइन काफी लंबी है और अगर दूल्हा सामान्य प्रक्रिया का पालन करेगा, तो उसकी शादी की रस्में छूट सकती हैं। मंत्री ने अधिकारियों से अनुरोध कर नयन की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर जल्दी पूरी करवाई, ताकि वह समय पर अपनी शादी के लिए रवाना हो सके।
राज्य मंत्री अखरुज्जमां ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने देखा कि एक युवक दूल्हे के कपड़ों में कार में बैठा अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा है। अगर वह लंबी कतार में खड़ा रहता, तो उसे अपनी ही शादी में पहुँचने में बहुत देरी हो जाती। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते, मैंने उसकी एसआईआर सुनवाई को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की ताकि वह अपनी नई जिंदगी की शुरुआत समय पर कर सके।”
पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है। बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने राज्य में बड़े पैमाने पर ‘घुसपैठिए वोटरों’ के होने का आरोप लगाया था। इसी के मद्देनजर चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहे हैं। एसआईआर (SIR) के तहत उन लोगों को हियरिंग के लिए बुलाया जा रहा है जिनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में संदिग्ध पाए गए हैं या जो नए नाम जुड़वाना चाहते हैं।
इस प्रक्रिया की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यदि कोई व्यक्ति सुनवाई में शामिल नहीं होता या संतोषजनक दस्तावेज पेश नहीं करता, तो उसका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाता है। नयन शेख की तत्परता यह दर्शाती है कि आम नागरिक अब अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और पहचान को लेकर कितने सजग हो गए हैं। यह घटना मुर्शिदाबाद में चर्चा का विषय बनी हुई है कि कैसे एक नागरिक ने अपनी व्यक्तिगत खुशी से ऊपर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी को रखा।
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