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Space Jellyfish Canada : कनाडा के आसमान में दिखा रहस्यमयी ‘स्पेस जेलीफिश’, जानें क्या है यह अद्भुत नजारा

Space Jellyfish Canada : कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में एक साधारण सी रात उस वक्त सनसनी में बदल गई, जब आसमान के सीने पर एक बेहद डरावनी लेकिन खूबसूरत रोशनी तैरती नजर आई। प्रिंस जॉर्ज और फोर्ट सेंट जॉन जैसे शहरों में रहने वाले लोग आधी रात को अपनी छतों और बालकनी में यह नजारा देखकर ठिठक गए। आसमान में बादलों के बीच एक विशाल चमकदार पंखे या शंकु जैसी आकृति धीरे-धीरे सरक रही थी। यह दृश्य इतना अपरिचित था कि देखने वालों के मन में डर और कौतूहल का मिला-जुला भाव पैदा हो गया। ऐसा लग रहा था मानो कोई अलौकिक शक्ति बादलों के पीछे से झांक रही हो।

सोशल मीडिया पर उठी अटकलों की लहर: एलियंस या कोई गुप्त मिशन?

जैसे ही यह घटना घटी, इंटरनेट की दुनिया थ्योरी और चर्चाओं से भर गई। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर धुंधली और चमकदार आकृतियों के वीडियो वायरल होने लगे। नेटिज़न्स के बीच बहस छिड़ गई कि यह आखिर क्या है। कुछ लोगों ने इसे यूएफओ (UFO) करार दिया और दावा किया कि दूसरे ग्रह के जीव धरती पर आ चुके हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने इसे गुप्त सैन्य परीक्षण या किसी नए हथियार का ट्रायल बताया। डूम्सडे (प्रलय) की भविष्यवाणी करने वालों से लेकर मजाक करने वालों तक, हर कोई इस चमकदार रहस्य की अपनी तरह से व्याख्या कर रहा था।

रहस्य से उठा पर्दा: एलन मस्क के रॉकेट का था करिश्मा

जब अफवाहें चरम पर थीं, तब खगोल वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने इस गुत्थी को सुलझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई एलियन गतिविधि नहीं, बल्कि आधुनिक अंतरिक्ष विज्ञान का एक दृश्य प्रभाव था। दरअसल, एलन मस्क की कंपनी ‘SpaceX’ ने कैलिफोर्निया स्थित बेस से अपने फाल्कन 9 रॉकेट को लॉन्च किया था। यह रॉकेट उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करने के लिए उड़ान भर रहा था। जैसे-जैसे रॉकेट ने ऊपरी वायुमंडल की परतों को पार किया, उसके इंजन से निकलने वाली गैसों ने ठंडी हवा में फैलकर एक विशाल गुब्बारा जैसा आकार ले लिया।

क्या है ‘जेलीफिश इफेक्ट’? विज्ञान के पीछे की असल कहानी

वैज्ञानिक भाषा में इस घटना को ‘जेलीफिश इफेक्ट’ या ‘ट्वाइलाइट इफेक्ट’ कहा जाता है। जब रॉकेट सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले उड़ान भरता है, तो जमीन पर अंधेरा होता है, लेकिन ऊंचाई पर मौजूद गैसों के बादलों पर सूरज की किरणें पड़ रही होती हैं। जब ये किरणें रॉकेट के धुएं और गैसों (Plume) से टकराती हैं, तो वे परावर्तित होकर आसमान में एक विशाल चमकती हुई जेलीफिश जैसी आकृति बना देती हैं। चूंकि रात के सन्नाटे में यह रोशनी बेहद साफ और बड़ी दिखाई देती है, इसलिए लोग इसे अक्सर एलियन विमान समझ बैठते हैं।

आधुनिक युग का खगोलीय अनुभव: तकनीक और प्रकृति का मिलन

फाल्कन 9 जैसे शक्तिशाली रॉकेटों की बढ़ती लॉन्चिंग के कारण अब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ऐसे नजारे अक्सर देखे जाने लगे हैं। हालांकि, हर बार यह नया अनुभव लोगों को समान रूप से रोमांचित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायुमंडल की नमी और सूरज की रोशनी का सही कोण इस ‘प्रकाश-पुंज’ को और भी चमकदार बना देता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ब्रह्मांड और विज्ञान के पास हमें हैरान करने के लिए हमेशा कुछ नया होता है। अब ब्रिटिश कोलंबिया के लोग दहशत से बाहर आकर इस शानदार तकनीकी नजारे की यादें संजो रहे हैं।

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