Narayanpur ITBP Accident
Narayanpur ITBP Accident : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहाँ अबूझमाड़ के दुर्गम इलाके में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों से भरा एक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस भीषण सड़क हादसे में आईटीबीपी के लगभग 5 से 6 जवान घायल हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना कुतुल-कोडनार मार्ग पर हुई, जो अपनी भौगोलिक बनावट और संवेदनशीलता के कारण जाना जाता है। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद अन्य सुरक्षा बलों ने राहत कार्य शुरू किया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें घायल हुए जवानों में से 2 की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद, सभी घायल जवानों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से नारायणपुर जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की टीम घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। गंभीर रूप से घायल जवानों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उच्च केंद्रों पर रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है। शेष जवानों को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं, जिनका इलाज अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
यह दुर्घटना जिस क्षेत्र में हुई है, वह अबूझमाड़ का कुतुल-कोडनार मार्ग है। कुछ समय पहले तक यह इलाका पूरी तरह से नक्सली गतिविधियों का केंद्र माना जाता था। हालांकि, सुरक्षा बलों के कड़े पहरे और लगातार चलते सर्चिंग अभियानों के कारण अब स्थिति में सुधार हो रहा है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए, यहाँ चल रहे सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आईटीबीपी की तैनाती की गई है। जवान न केवल नक्सलियों पर नजर रखते हैं, बल्कि आम नागरिकों और विकास योजनाओं की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को आईटीबीपी के जवान ‘डीमाइनिंग’ (नक्सलियों द्वारा लगाए गए बारूदी सुरंगों को खोजने और निष्क्रिय करने) के अभियान पर निकले थे। इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह गश्त नियमित रूप से की जाती है। इसी दौरान, पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर जवानों का वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे जा गिरा। गनीमत रही कि वाहन बहुत अधिक गहराई में नहीं गिरा, अन्यथा जान-माल का नुकसान और बड़ा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर बस्तर के दुर्गम इलाकों में जवानों के कठिन संघर्ष को उजागर किया है।
हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और जवानों का हालचाल जाना। प्रशासन ने घायल जवानों के परिजनों को सूचित कर दिया है और उनके हर संभव इलाज का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद कुतुल-कोडनार मार्ग पर यातायात और वाहनों की आवाजाही को लेकर भी नए निर्देश जारी किए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के तकनीकी या मानवीय चूक के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान जारी है और सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे जिले में सुरक्षा बलों के बीच शोक की लहर पैदा कर दी है, लेकिन जवानों का हौसला अब भी बुलंद है।
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