NASA Artemis 2 Postponed
NASA Artemis 2 Postponed: अंतरिक्ष अन्वेषण की दुनिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के सबसे प्रतीक्षित मून मिशन ‘आर्टेमिस 2’ (Artemis 2) की लॉन्चिंग को तकनीकी कारणों से आखिरी पलों में टाल दिया गया है। नासा प्रमुख जैरेड इसाकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि शुक्रवार को ही लॉन्चिंग के लिए 6 मार्च की तारीख तय की गई थी। हालांकि, रात के समय रूटीन ऑपरेशन के दौरान रॉकेट के हीलियम फ्लो में अचानक रुकावट देखी गई, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मिशन को रोकने का फैसला लिया गया।
स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट में हीलियम का उपयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह गैस फ्यूल टैंकों को प्रेशराइज करने और इंजन को पर्ज करने का काम करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस रुकावट की वजह फिल्टर, वाल्व या कनेक्शन प्लेट में आई कोई खराबी हो सकती है। गौरतलब है कि आर्टेमिस 1 मिशन के दौरान भी इसी तरह की चुनौतियां सामने आई थीं। अब रॉकेट को वापस व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (VAB) में ले जाया जाएगा, जहाँ इंजीनियर बारीकी से इसकी जांच और रिपेयरिंग का काम करेंगे।
आर्टेमिस 2 मिशन पिछले 50 से अधिक वर्षों में पहला ऐसा मानवयुक्त मिशन है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा तक पहुंचना है। इस 10 दिवसीय मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को ओरियन अंतरिक्ष यान में बैठकर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाना था। हालांकि इस मिशन में यात्रियों को चांद की सतह पर उतरना नहीं था, लेकिन यह 2026 में प्रस्तावित ‘आर्टेमिस 3’ के लिए एक निर्णायक टेस्ट फ्लाइट थी। इस देरी का असर अमेरिका और चीन के बीच चल रही ‘स्पेस रेस’ पर भी पड़ सकता है, क्योंकि चीन 2030 तक अपना क्रूड लूनर मिशन भेजने की तैयारी में है।
इस मिशन के लिए नासा ने चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों की टीम चुनी है, जिनमें से प्रत्येक का अपना एक विशेष महत्व है:
रीड वाइसमैन (कमांडर): अमेरिकी नौसेना के अनुभवी पायलट और कुशल अंतरिक्ष यात्री।
विक्टर ग्लोवर (पायलट): वे चंद्रमा के मिशन पर जाने वाले दुनिया के पहले अश्वेत व्यक्ति बनने का गौरव हासिल करेंगे।
क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट): अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला होने का विश्व रिकॉर्ड इनके नाम है।
जेरेमी हेन्सन (मिशन स्पेशलिस्ट): कनाडा के इस अंतरिक्ष यात्री के मिशन पर जाते ही कनाडा चंद्रमा के पास जाने वाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा।
आर्टेमिस 2 में देरी होने का सीधा प्रभाव आर्टेमिस 3 मिशन पर पड़ सकता है, जिसमें इंसानों को चांद की सतह पर लैंड करना है। नासा का स्पष्ट मानना है कि अंतरिक्ष अभियानों में मानव सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जब तक SLS रॉकेट पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, नई लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया जाएगा। नासा के लिए चंद्रमा केवल एक मंजिल नहीं, बल्कि मंगल ग्रह पर मानव को भेजने के लिए एक ‘टेस्टिंग ग्राउंड’ की तरह है।
हालांकि इस देरी को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया के लिए एक अस्थायी झटका माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे सकारात्मक रूप में देख रहे हैं ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। 1972 के अपोलो मिशन के बाद यह पहली बार होगा जब इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर निकलकर गहरे अंतरिक्ष में कदम रखेगा। अब पूरी दुनिया की निगाहें नासा के अगले कदम और हीलियम समस्या के समाधान पर टिकी हुई हैं।
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