Navneet Rana Controversy
Navneet Rana Controversy: महाराष्ट्र के अमरावती नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। बीजेपी के 22 उम्मीदवारों ने एकजुट होकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में पूर्व सांसद नवनीत राणा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि नवनीत राणा को तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए। इन 22 नेताओं में वे 2 उम्मीदवार भी शामिल हैं जिन्होंने 15 जनवरी को हुए चुनावों में जीत हासिल की है, जबकि बाकी 20 उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है।
शिकायतकर्ता उम्मीदवारों का दावा है कि चुनाव प्रचार के दौरान नवनीत राणा ने बीजेपी के आधिकारिक प्रत्याशियों का अपमान किया। आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंचों से बीजेपी उम्मीदवारों को ‘डमी’ (नाममात्र का उम्मीदवार) करार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पति रवि राणा की पार्टी ‘युवा स्वाभिमान पार्टी’ के उम्मीदवारों का समर्थन करते हुए उन्हें ‘भाजपा का असली उम्मीदवार’ बताकर पेश किया। उम्मीदवारों का कहना है कि इस भ्रामक प्रचार के कारण मतदाताओं के बीच भ्रम पैदा हुआ, जिसका खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ा।
नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले भाजपा और विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच गठबंधन टूट गया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि गठबंधन टूटने के बावजूद नवनीत राणा भाजपा के लिए प्रचार करना जारी रखेंगी। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट रही। बीजेपी के स्थानीय नेताओं का मानना है कि नवनीत राणा ने पार्टी के प्रति वफादारी निभाने के बजाय अपने पारिवारिक राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। गठबंधन टूटने के बाद भी राणा दंपत्ति द्वारा बीजेपी के खिलाफ की गई बयानबाजी ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं को भारी चोट पहुंचाई है।
87 सदस्यीय अमरावती नगर निगम के नतीजों ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है। इस बार बीजेपी केवल 25 सीटों पर सिमट कर रह गई है, जबकि पिछले चुनाव में पार्टी के पास 45 सीटें थीं। दूसरी ओर, रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस ने 15-15 सीटों पर जीत दर्ज की है। अन्य दलों की बात करें तो AIMIM को 12, NCP को 11, शिवसेना और बसपा को 3-3, शिवसेना (UBT) को 2 और वंचित बहुजन आघाडी को 1 सीट मिली है। पिछले चुनाव में महज 3 सीटें जीतने वाली युवा स्वाभिमान पार्टी का 15 सीटों तक पहुंचना यह दर्शाता है कि बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी हुई है।
हार का सामना करने वाले 20 उम्मीदवारों ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी पराजय विपक्षी दलों की मजबूती के कारण नहीं, बल्कि घर के भीतर हुई गद्दारी की वजह से हुई है। उन्होंने लिखा, “हम पार्टी के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं, लेकिन वरिष्ठ नेता नवनीत राणा द्वारा पार्टी के खिलाफ खुले तौर पर किए गए प्रचार ने हमें चुनाव हरा दिया।” कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि नवनीत राणा को पार्टी से बाहर नहीं निकाला गया, तो वे भविष्य में अमरावती शहर से भाजपा का अस्तित्व पूरी तरह मिटा देंगी। फिलहाल इस पूरे विवाद पर नवनीत राणा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Cockroach Strength : साल 2008 में आई हॉलीवुड की मशहूर एनिमेटेड फिल्म 'वॉल-ई' (Wall-E) में…
Alka Lamba Convicted : दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की…
Cockroach Janta Party : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकान्त के एक मौखिक बयान से…
Padma Awards : देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों को लेकर नई…
Khairagarh News : छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने…
IPL 2026 Controversy : क्रिकेट की दुनिया के दो दिग्गज खिलाड़ियों, भारत के रन-मशीन विराट…
This website uses cookies.