Vice President election 2025 : एनडीए (NDA) की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले प्रस्तावक बने। नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन से पहले राधाकृष्णन ने संसद परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया।

भाजपा संसदीय दल की बैठक में बनी सहमति
17 अगस्त को हुई भाजपा संसदीय दल की बैठक में राधाकृष्णन के नाम पर सहमति बनी थी। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनका नाम औपचारिक रूप से घोषित किया। सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। भाजपा उन्हें एक अनुभवी और स्वच्छ छवि वाला चेहरा मानती है।

विपक्ष का प्रत्याशी भी दक्षिण से
इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला रोचक होने वाला है, क्योंकि दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं। विपक्षी गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। रेड्डी 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे।
चुनाव की प्रक्रिया और तारीखें
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त है।
उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।
क्यों हो रहा है उपराष्ट्रपति का चुनाव?
यह उपचुनाव उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे की वजह से कराया जा रहा है। धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अपना पद छोड़ दिया था। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। 74 वर्षीय धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब नया उपराष्ट्रपति चुना जाएगा।
एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच यह चुनाव दक्षिण भारत की अहमियत को और मजबूत करता है। अब सबकी निगाहें 9 सितंबर पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा।











