NEET Re-Exam 2026 : NEET-UG 2026 की री-परीक्षा के दौरान बिहार से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एक सक्रिय सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के दावों के बीच, लखीसराय जिले में इस गैंग ने परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की। पुलिस की तत्परता के चलते नकली परीक्षार्थी बनकर केंद्र पर पहुंचे 9 सॉल्वरों समेत अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटना शिक्षा तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि यह गैंग सीधे तौर पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर रहा था।

सब-कॉन्ट्रैक्टिंग और अस्थाई कर्मियों की भूमिका
इस पूरे मामले की जड़ में NEET परीक्षा के लिए सुरक्षा और प्रबंधन का ठेका लेने वाली कंपनी ‘Innovative View’ और उसकी कार्यप्रणाली है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की संस्था EdCIL के माध्यम से यह ठेका उक्त कंपनी को मिला था, जिसके तहत बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग और सीसीटीवी निगरानी की जिम्मेदारी थी। परीक्षा के व्यापक स्तर को देखते हुए कंपनी को एक लाख से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता थी, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने विभिन्न राज्यों में कई सब-कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किए। इन सब-कॉन्ट्रैक्टरों ने स्थानीय स्तर पर अस्थाई कर्मचारियों को परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया। लखीसराय में इन्हीं अस्थाई बायोमेट्रिक कर्मचारियों के साथ सॉल्वर गैंग ने साठ-गांठ की और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का षड्यंत्र रचा।

कंपनी ने ब्लैकलिस्टिंग की खबरों पर स्थिति स्पष्ट की
इस घटना के बाद से ही ‘Innovative View’ कंपनी विवादों के घेरे में है। कंपनी पर पूर्व में कई राज्यों द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने के आरोप लग रहे थे, जिस पर प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। कंपनी का तर्क है कि झारखंड और तमिलनाडु सरकारों द्वारा की गई कार्रवाई को उन्होंने न्यायालय में चुनौती दी थी, जहाँ कोर्ट ने सरकार के फैसलों को त्रुटिपूर्ण पाया। कंपनी का दावा है कि वे कहीं भी ब्लैकलिस्टेड नहीं हैं, अन्यथा वे केंद्र सरकार की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र ही नहीं होते। फिलहाल, कंपनी की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी पूरे मामले की आंतरिक जांच में जुटी है और उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिहार पुलिस की ओर से अभी तक उन्हें कोई औपचारिक नोटिस या संपर्क नहीं मिला है।
सुरक्षा के सख्त इंतजामों के बावजूद हुई सेंधमारी
NEET-UG 2026 री-परीक्षा का आयोजन 21 जून को देश भर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में स्थित 5,440 केंद्रों पर किया गया था, जिसमें 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए। शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। इसके बावजूद, लखीसराय में हुई यह घटना सुरक्षा घेरे में मौजूद खामियों को उजागर करती है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस गैंग का नेटवर्क और कितना बड़ा है और किन अन्य केंद्रों पर भी इन्होंने इस तरह की कोशिश की है।
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