Nepal Election Results 2026 : नेपाल के संसदीय चुनावों के शुरुआती रुझानों ने पूरे देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। गुरुवार को प्रतिनिधि सभा (संसद) के लिए हुए मतदान के बाद जो परिणाम सामने आ रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। मात्र चार साल पहले अस्तित्व में आई राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने नेपाल की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों की नींव हिला दी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 46 सीटों की गिनती के बीच RSP ने एक सीट पर जीत दर्ज कर ली है और 36 अन्य सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। इसके विपरीत, सत्ता के शिखर पर रहने वाली नेपाली कांग्रेस केवल 5 सीटों और CPN (UML) मात्र 3 सीटों पर आगे चल रही है। 60 प्रतिशत मतदान वाले इस चुनाव को नेपाल के भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
जेन Z आंदोलन के बाद बदली देश की फिजा
यह चुनाव नेपाल के इतिहास में एक मील का पत्थर है, क्योंकि यह पिछले वर्ष हुए ‘जेन Z’ (Gen Z) के हिंसक और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद पहला बड़ा चुनाव है। भ्रष्टाचार और पुरानी व्यवस्था के खिलाफ युवाओं ने जो हुंकार भरी थी, उसने केपी शर्मा ओली की तत्कालीन सरकार को उखाड़ फेंका था। उस आंदोलन का असर अब मतपेटियों में साफ दिख रहा है। काठमांडू-1 की प्रतिष्ठित सीट पर RSP की उम्मीदवार रंजू दर्शना ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रंजू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेपाली कांग्रेस के प्रबल थापा क्षेत्री को लगभग दोगुने वोटों के अंतर से हराया है। यह जीत संकेत है कि नेपाली जनता अब बदलाव चाहती है।
बालेन शाह का उदय और केपी ओली की चुनौतियां
काठमांडू के चर्चित पूर्व मेयर बालेन्द्र शाह, जिन्हें जनता प्यार से ‘बालेन’ पुकारती है, इस समय चुनावी समर के सबसे बड़े ‘जायंट किलर’ बनकर उभरे हैं। वे झापा-5 सीट पर पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज नेता केपी शर्मा ओली को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो काठमांडू की सभी 10 सीटों पर RSP के उम्मीदवारों ने कब्जा जमा रखा है। 2022 में गठित हुई इस पार्टी को युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिला है। बालेन शाह को RSP के प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में देखा जा रहा है, जो गगन थापा (नेपाली कांग्रेस) और केपी ओली जैसे अनुभवी नेताओं के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
नेपाली संसद का चुनावी गणित और वोटिंग प्रक्रिया
नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए कुल 1.89 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नेपाल की चुनाव प्रणाली दो हिस्सों में बंटी है—165 सीटें ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ (FPTP) यानी सीधे मतदान के जरिए चुनी जाती हैं, जबकि शेष 110 सीटों का निर्धारण पार्टियों को मिले कुल वोटों के अनुपात (Proportional) के आधार पर होता है। इस बार के चुनाव में FPTP श्रेणी में 3400 से अधिक और आनुपातिक श्रेणी के लिए 3135 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वोटों की गिनती गुरुवार रात से निरंतर जारी है, जो युवाओं की सत्ता में भागीदारी की नई कहानी लिख रही है।
शुक्रवार तक साफ होगी सत्ता की तस्वीर
नेपाल चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया शुक्रवार रात तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि अभी अंतिम आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है, लेकिन रुझानों ने स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल की जनता ने भ्रष्टाचार और पुराने राजनीतिक गठबंधनों को नकारते हुए ‘युवा जोश’ पर भरोसा जताया है। RSP की यह लहर न केवल नेपाल के आंतरिक शासन को प्रभावित करेगी, बल्कि दक्षिण एशिया की कूटनीति पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को आने वाले अंतिम परिणामों पर टिकी हैं कि क्या नेपाल को बालेन शाह के रूप में अपना सबसे युवा प्रधानमंत्री मिलेगा।
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