Nepal Elections 2026
Nepal Elections 2026: नेपाल में आम चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। सुशीला खार्की की अंतरिम सरकार ने जल्द चुनाव कराने का वादा किया था, जो कि Gen-Z प्रोटेस्ट और केपी शर्मा ओली की सरकार के पतन के बाद बनी। चुनाव आयोग ने प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों के लिए मतदान की तारीख 5 मार्च 2026 तय की है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा, जिसमें पूरे देश के मतदाता हिस्सा ले सकेंगे।
नेपाल निर्वाचन आयोग के अनुसार, उम्मीदवार अपने नामांकन 20 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दाखिल कर सकेंगे। इसके अगले दिन, 21 जनवरी को आयोग सभी नामांकनों की जांच करेगा और शाम 5 बजे तक उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची जारी कर दी जाएगी। 22 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किसी भी उम्मीदवार पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। 23 जनवरी की दोपहर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकते हैं और उसके बाद शाम 5 बजे फाइनल लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी होते ही उन्हें आधिकारिक चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए जाएंगे। चुनाव चिन्ह उम्मीदवार की पहचान और प्रचार में अहम भूमिका निभाते हैं। इस तरह से नेपाल में आम चुनाव संविधान के अनुसार समय पर और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किए जाएंगे।नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से चुने जाते हैं, जबकि 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत तय होती हैं। मतदान के बाद मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। यह व्यवस्था संविधान द्वारा तय की गई है, ताकि सभी वर्गों और समूहों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पद से हटाया गया था। Gen-Z प्रोटेस्ट और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई थी। सितंबर महीने में ओली सरकार ने सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया था, जिसे लेकर युवा सड़कों पर उतरे। इन विरोध प्रदर्शनों में 75 लोगों की मौत हो गई थी। विरोध का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के माहौल को भी तनावपूर्ण बना दिया।
विरोध प्रदर्शनों के दौरान युवाओं ने सरकार के मंत्रियों और नेताओं के घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की और आगजनी भी की। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए नेपाल सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा। सेना ने केपी शर्मा ओली से इस्तीफा लेने को कहा और उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षित रूप से देश से बाहर निकाल दिया।ओली सरकार के पतन के बाद 12 सितंबर को सुशीला खार्की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं। उन्होंने जनता और युवाओं से वादा किया कि अगले 6 महीनों के भीतर आम चुनाव कराकर नई सरकार बनाई जाएगी। खार्की ने यह सुनिश्चित किया कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और समय पर हो, जिससे राजनीतिक स्थिरता बहाल की जा सके।
2026 के आम चुनाव नेपाल के लिए राजनीतिक स्थिरता और लोकतंत्र की मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। युवा विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में माहौल तनावपूर्ण हो गया था, इसलिए इस चुनाव से नई सरकार के गठन की उम्मीद बढ़ गई है। चुनाव में जनता की सक्रिय भागीदारी और उम्मीदवारों की पारदर्शी प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र को मजबूत करेगी।
नेपाल में चुनाव आयोग ने समय पर चुनाव प्रक्रिया की घोषणा कर राजनीतिक संकट के बीच देश को नई दिशा देने का प्रयास किया है। प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों के लिए तय तारीख, नामांकन की प्रक्रिया और चुनाव चिन्ह आवंटन ने चुनाव को व्यवस्थित रूप दिया है। Gen-Z प्रोटेस्ट और राजनीतिक अस्थिरता के बाद यह चुनाव नेपाल के लोकतंत्र के लिए अहम माना जा रहा है।
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