Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में एक युग का अंत और नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दल यूनाइटेड (JDU) की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। नीतीश कुमार ने विधायकों और सांसदों की उपस्थिति में स्पष्ट किया कि वे अब राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने भावुक होते हुए अपने दल के साथियों से कहा, “मैं राज्यसभा जा रहा हूँ, लेकिन आप लोगों को कोई दिक्कत नहीं होने दूंगा। मैं बिहार में ही रहूँगा और यहाँ के विकास कार्यों की निगरानी करता रहूँगा।” इस फैसले पर जेडीयू विधानमंडल ने सर्वसम्मति से अपनी मुहर लगा दी है, जिससे नीतीश के लगभग दो दशक लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के समापन की राह साफ हो गई है।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री: कल ग्रहण करेंगे जेडीयू की सदस्यता
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के साथ ही उनके पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में आधिकारिक एंट्री तय हो गई है। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पुष्टि की है कि निशांत कुमार कल विधिवत रूप से जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे। लंबे समय तक लाइमलाइट और चकाचौंध से दूर रहने वाले निशांत अब पार्टी में बड़ी भूमिका निभाएंगे। पार्टी नेताओं के अनुसार, निशांत न केवल सदस्यता लेंगे, बल्कि जल्द ही पूरे बिहार का दौरा कर जनता और कार्यकर्ताओं नब्ज टटोलने का काम भी शुरू करेंगे। विधायकों और मंत्रियों ने इस उत्तराधिकार का खुले दिल से स्वागत किया है।
सत्ता का नया समीकरण: बीजेपी को मिल सकता है मुख्यमंत्री का पद
नीतीश कुमार के 5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने की खबरों के बीच बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगहाट तेज है। जानकारों का मानना है कि नीतीश के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री का पद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि बीजेपी किसी अति पिछड़ा वर्ग (EBC) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) चेहरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा सकती है। यह कदम आगामी चुनावों को देखते हुए सामाजिक समीकरणों को साधने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
निशांत कुमार बनेंगे डिप्टी सीएम: जेडीयू के कोर वोट बैंक पर नजर
सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जा सकता है। सरकार में वे जेडीयू का मुख्य चेहरा होंगे। उनका मुख्य कार्य पार्टी के आधार वोट बैंक, विशेषकर ‘कुर्मी-कोइरी’ समाज को एकजुट रखना होगा। बीआईटी मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में स्नातक निशांत कुमार को अब तक एक एकांतप्रिय और आध्यात्मिक व्यक्ति माना जाता रहा है, लेकिन अब उनके कंधों पर जेडीयू की विरासत को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। जेडीयू समर्थकों ने इस घोषणा के बाद पार्टी मुख्यालय में गुलाल उड़ाकर और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया है।
विपक्ष का प्रहार और राष्ट्रीय राजनीति में नीतीश की भूमिका
जहाँ जेडीयू खेमे में उत्साह है, वहीं मुख्य विपक्षी दल आरजेडी (RJD) ने इसे नीतीश कुमार का वैचारिक “यू-टर्न” करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि परिवारवाद का विरोध करने वाले नीतीश अंततः अपने बेटे को ही आगे बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर, नीतीश कुमार अब नई दिल्ली में राष्ट्रीय राजनीति पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। माना जा रहा है कि एनडीए गठबंधन में उनकी भूमिका अब राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्धारण की होगी। कल होने वाले निशांत कुमार के शपथ ग्रहण या सदस्यता समारोह में गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
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