North Korea
North Korea: अमेरिकी राजनीति में डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन की ‘दोस्ती’ के चर्चे विश्व स्तर पर रहे हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। उत्तर कोरिया ने अब अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। प्योंगयांग से आई ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरिया वर्ष 2026 में अपने मिसाइल और गोला-बारूद उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि करने की तैयारी कर रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को बदल सकता है।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि देश अगले पांच वर्षों तक अपनी मिसाइल विकास प्रक्रिया को थामने वाला नहीं है। किम ने हाल ही में देश के प्रमुख हथियार कारखानों का दौरा किया और बढ़ती सैन्य मांगों को पूरा करने के लिए उत्पादन की गति को तेज करने का कड़ा निर्देश दिया। उनका मानना है कि मिसाइल और गोला-बारूद का क्षेत्र देश की ‘सैन्य प्रतिरोधक क्षमता’ (Military Deterrence) को बनाए रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। किम ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे न केवल वर्तमान क्षमता का उपयोग करें, बल्कि भविष्य की परिचालन जरूरतों को देखते हुए उत्पादन केंद्रों का विस्तार भी करें।
सरकारी समाचार एजेंसी KCNA की रिपोर्ट के अनुसार, किम जोंग उन ने 26 दिसंबर, 2025 को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने हथियार निर्माण इकाइयों के आधुनिकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को मंजूरी दी। इन योजनाओं को आधिकारिक तौर पर 2026 की शुरुआत में होने वाली ‘पार्टी कांग्रेस’ में पेश किया जाएगा। इस आगामी कांग्रेस में उत्तर कोरिया के अगले पांच साल के रक्षा और आर्थिक विकास का खाका तैयार किया जाएगा, जिसमें नए गोला-बारूद कारखानों का निर्माण और उन्नत तकनीक का समावेश प्राथमिकता पर रहेगा।
हथियारों के उत्पादन में वृद्धि की यह खबर उस समय आई है जब उत्तर कोरिया ने अपनी नौसैनिक और हवाई ताकत का प्रदर्शन कर दुनिया को चौंका दिया है। हाल ही में किम जोंग उन को उनकी बेटी के साथ एक विशाल 8,700 टन की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते देखा गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी बेटी को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में पेश किया जा रहा है। इसके साथ ही, उत्तर कोरिया ने हाल के दिनों में लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (SAM) का भी सफल परीक्षण किया है, जो उसकी रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताओं में इजाफे को दर्शाता है।
उत्तर कोरिया की यह आक्रामक सैन्य नीति सीधे तौर पर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ उसके तनावपूर्ण संबंधों को दर्शाती है। किम जोंग उन का तर्क है कि बाहरी खतरों से निपटने के लिए एक मजबूत हथियार भंडार अनिवार्य है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इसे परमाणु ब्लैकमेलिंग की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। 2026 की इस योजना के लागू होने के बाद, कोरियाई प्रायद्वीप में हथियारों की होड़ और अधिक तीव्र होने की आशंका है, जिससे क्षेत्र में शांति की संभावनाएं और धूमिल हो सकती हैं।
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