NSUI Protest FIR : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद विवाद बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने महिला NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। यह मामला प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार और हिरासत में ले जाने के बाद बस के अंदर हुई घटना से जुड़ा है। दूसरी ओर, NSUI कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
रितु बराला ने महिला पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप
NSUI कार्यकर्ता रितु बराला और अन्य महिला प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिरासत के दौरान महिला कांस्टेबल चंचल यादव और दूसरे पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। रितु के मुताबिक, उन्हें थप्पड़ मारे गए, बाल खींचे गए और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बस के भीतर उनके साथ मारपीट हुई और उन्हें जबरन पीछे धकेला गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
राहुल गांधी ने रितु बराला को बताया ‘शेरनी’
बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NSUI कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने रितु बराला की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे थे, लेकिन उन्हें बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया गया।
‘जितना चाहो उतना मारो’, रितु ने सुनाई आपबीती
रितु बराला ने दावा किया कि हिरासत के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा था कि वे जितना चाहें मार लें, लेकिन वे अपने विरोध से पीछे नहीं हटेंगी। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीटा गया और उनके निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई। रितु ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने बस से बाहर निकलने की कोशिश की, तब महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़ा और पीछे धकेल दिया। इससे वह सीट पर गिर गईं।
कनॉट प्लेस थाने में भी मारपीट का आरोप
रितु के मुताबिक, महिला कांस्टेबल ने उनके चेहरे पर नाखूनों से खरोंच लगाई, थप्पड़ मारा और बाल पकड़कर बस के भीतर खींचा। उन्होंने कान मरोड़ने और गला दबाने का भी आरोप लगाया। रितु का दावा है कि कनॉट प्लेस के पास बस रोके जाने के बाद उन्हें और एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी को सड़क पर घसीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में थाने में भी उनके पैरों पर लाठी से वार किए गए और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।
दिल्ली पुलिस की FIR से बढ़ा विवाद
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार और बस के भीतर हुई घटना को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ऐसे में मामले में दोनों पक्षों के आरोप सामने आए हैं। जहां महिला प्रदर्शनकारी पुलिस पर हिंसा का आरोप लगा रही हैं, वहीं पुलिस ने भी प्रदर्शन से संबंधित शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की है। एफआईआर दर्ज होने का अर्थ आरोप साबित होना नहीं है; मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
अब जांच और आरोपों पर कार्रवाई का इंतजार
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ विरोध अब पुलिस कार्रवाई और महिला प्रदर्शनकारियों के आरोपों को लेकर चर्चा में है। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होकर उनकी बात सार्वजनिक रूप से उठाई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि हिरासत के दौरान क्या हुआ, दोनों पक्षों की शिकायतों में कितनी सच्चाई है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।
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