Odisha Landslide : ओडिशा में चक्रवात ‘अर्नब’ और लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्राकृतिक आपदा ने गंभीर रूप ले लिया है। कंधमाल और गंजाम जिले की सीमा पर स्थित गांगुबाली पहाड़ी पर भीषण भूस्खलन होने से आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। पहाड़ से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और बड़ी-बड़ी चट्टानें नीचे की ओर खिसकने लगीं। इस मलबे की चपेट में आने से बाइबाली और गिड़ीपाबाली गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों गांवों के कुल 13 लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।

गांगुबाली पहाड़ी पर अचानक हुआ भूस्खलन, दो गांव प्रभावित
जानकारी के अनुसार, कंधमाल-गंजाम जिले की सीमा पर मौजूद गांगुबाली पहाड़ी पर भारी बारिश के बीच अचानक बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। पहाड़ का मलबा तेजी से नीचे आया और आसपास बसे गांवों तक पहुंच गया। देखते ही देखते मिट्टी और विशाल चट्टानों ने इलाके में तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। बाइबाली और गिड़ीपाबाली गांवों के लोगों को इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ा है। हादसे के बाद से 13 लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि सभी लापता लोग मलबे के नीचे दबे हैं या किसी अन्य स्थान पर फंसे हुए हैं।

राहत और बचाव अभियान शुरू, प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं
भूस्खलन की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। इसके बाद लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बालीगुड़ा के उपजिलाधिकारी और राइकीआ के ब्लॉक विकास अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। राहत टीमों की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।
ग्रामीणों ने राहत शिविर में ली शरण
भूस्खलन के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल है। पहाड़ी से दोबारा मलबा खिसकने की आशंका के चलते ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कुछ लोगों ने किलापांगा गांव में बनाए गए राहत शिविर में शरण ली है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नवीन पटनायक ने जताया दुख, राज्य सरकार से की तत्काल कार्रवाई की अपील
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा कि चक्रवात अर्नब के प्रभाव से कंधमाल जिले में भूस्खलन हुआ है। इस घटना में कई लोगों की मौत होने और कई अन्य के लापता होने की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने राज्य सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाने की अपील की। साथ ही पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति की कामना की।

13 लापता लोगों की तलाश जारी, बारिश के बीच बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण
फिलहाल गांगुबाली पहाड़ी के आसपास राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। लगातार बारिश और दोबारा भूस्खलन की आशंका बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना सकती है। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और राहत दलों पर टिकी हैं। आने वाले समय में लापता लोगों की स्थिति और नुकसान को लेकर नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


