Iran Conflict
Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कूटनीतिक बयान दिया है। पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि किसी भी देश के प्रयासों से भीषण जंग खत्म होती है, तो उसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर पाकिस्तान के ईरान और इजरायल के साथ ऐसे संबंध हैं जिनका उपयोग शांति स्थापना के लिए किया जा सकता है, तो यह वैश्विक हित में है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के उपराष्ट्रपति इस प्रक्रिया में शामिल होने को तैयार हैं और बातचीत के माध्यम से खून-खराबा रुकता है, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई हालिया सर्वदलीय बैठक में भी प्रमुखता से उठा था। बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने चिंता जताई थी कि पाकिस्तान जैसा मुल्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत इस प्रक्रिया से बाहर दिख रहा है। इस पर सरकार की ओर से सख्त प्रतिक्रिया आई थी, जिसमें कहा गया कि भारत, पाकिस्तान की तरह कोई ‘दलाल देश’ नहीं है और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस वैचारिक मतभेद ने देश की कूटनीतिक दिशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है, जिस पर उमर अब्दुल्ला ने मानवीय आधार पर शांति का समर्थन किया है।
राज्य में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोग सरकार की आधिकारिक बातों पर यकीन करने के बजाय सोशल मीडिया पर चल रही निराधार अफवाहों के शिकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक उच्च स्तरीय ‘रिव्यू मीटिंग’ ली है, जिसमें यह साफ हो गया है कि प्रदेश में ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू है और पैनिक होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी कतारों से नाराज मुख्यमंत्री ने जनता को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया की अफवाहों की बुनियाद पर पेट्रोल पंप के बाहर लाइन लगाकर बैठे लोग हमें कड़े कदम उठाने पर मजबूर न करें।” उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर अफवाहों का यह सिलसिला और भीड़ जमा करने की प्रवृत्ति बंद नहीं हुई, तो वे कुछ दिनों के लिए पेट्रोल पंप ही बंद करने का आदेश दे सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफवाहों की वजह से बेवजह की मांग पैदा हो रही है, जिससे कानून-व्यवस्था और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार ने भी मौजूदा स्थिति का बारीकी से जायजा लिया है। सरकार की ओर से कहीं भी ईंधन के इस्तेमाल में कटौती करने या राशनिंग करने की हिदायत नहीं दी गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जिम्मेदार बनें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। सीएम ने अंत में दोहराया कि दो-चार दिनों के भीतर जमीनी हालात में कोई नकारात्मक बदलाव नहीं आया है, इसलिए जनता को सामान्य रूप से अपनी जरूरतें पूरी करनी चाहिए और अफवाह फैलाने वालों से दूरी बनानी चाहिए।
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