Online Satta: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक हाई-प्रोफाइल सट्टा गिरोह को दबोचा है। यह गिरोह शहर के बीचों-बीच कार के अंदर बैठकर सट्टे का काला कारोबार संचालित कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नगदी और सट्टेबाजी के उपकरण बरामद किए हैं।
सिंधु भवन की पार्किंग में कार के भीतर चल रहा था काला खेल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंधु भवन की पार्किंग के पास कुछ युवक एक कार में बैठकर संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। जब पुलिस की विशेष टीम ने मौके पर दबिश दी, तो वहां एक कार में चार युवक लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन बैटिंग साइट्स का संचालन कर रहे थे। ये आरोपी विभिन्न वेबसाइट्स के माध्यम से ग्राहकों को आईडी उपलब्ध करा रहे थे और बड़े पैमाने पर दांव लगवा रहे थे।
करोड़ों का ट्रांजेक्शन और बैंक खाते सीज
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कई चौंकाने वाले दस्तावेज मिले हैं। आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल करने पर पता चला कि इनमें करोड़ों रुपयों का लेनदेन किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन बैंक खातों में जमा करोड़ों की राशि को होल्ड (फ्रीज) करवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अब उन ग्राहकों की भी पहचान कर रहे हैं जो इन आरोपियों से आईडी लेकर सट्टा खेलते थे, और आने वाले समय में उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण और पृष्ठभूमि
पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपी रायपुर के ही रहने वाले हैं और काफी समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। पकड़े गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
-
रितेश गोविंदानी (32 वर्ष): निवासी खम्हारडीह, रायपुर।
-
मोहम्मद अख्तर (32 वर्ष): निवासी मौदहापारा, रायपुर।
-
विक्रम राजकोरी (32 वर्ष): निवासी डी.डी. नगर, रायपुर।
-
सागर पिंजानी (30 वर्ष): निवासी पुरानी बस्ती, रायपुर।
इन प्रमुख वेबसाइट्स के जरिए फैलाया था जाल
पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये सटोरिये अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कई सट्टा वेबसाइट्स की मास्टर आईडी लेकर बैठे थे। मुख्य रूप से Allpanelexch.com, Power7777.com, Powerexch.com, और Classicexch99.com जैसी साइट्स के जरिए वे लोगों को सट्टेबाजी की लत लगा रहे थे। गिरोह के सदस्य ग्राहकों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लेते थे।
पुलिस को चकमा देने की नाकाम कोशिश
जब पुलिस ने आरोपियों को घेरा, तो उन्होंने शुरू में खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कैश के बारे में गोलमोल जवाब दिए, लेकिन कड़ाई से पूछताछ और कार की तलाशी लेने पर सारा सच सामने आ गया। आरोपियों के पास मौजूद डिजिटल डिवाइस और लॉग-इन क्रेडेंशियल्स ने उनके अपराध की पुष्टि कर दी।
कुल 80 लाख की संपत्ति और नगदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 50 लाख 35 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। इसके अलावा, अपराध में प्रयुक्त होने वाले अन्य सामान भी जप्त किए गए हैं। जप्त किए गए सामानों में शामिल हैं:
-
हाई-टेक लैपटॉप और कई मोबाइल फोन।
-
सट्टा संचालन में इस्तेमाल की गई लग्जरी कार।
-
विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, चेक बुक और पासबुक।
-
पासपोर्ट और कैलकुलेटर। नगदी और सामान की कुल कीमत लगभग 80 लाख रुपये आंकी गई है।
कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ गंज थाने में अपराध क्रमांक 06/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन पर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7, बी.एन.एस. की धारा 112(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह पूरी कार्रवाई रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
Read More: Redmi Note 15 5G Review: 108MP कैमरा और कर्व्ड डिस्प्ले के साथ नया धमाका
















