Oral Cancer India 2025
Oral Cancer India 2025: दिसंबर 2025 में ‘बीएमजे ग्लोबल हेल्थ’ (BMJ Global Health) जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन वर्ष 2010 से 2021 के बीच किया गया। इस शोध में कुल 3,706 पुरुषों को शामिल किया गया, जिनमें से 1,803 मुंह के कैंसर के मरीज थे और 1,903 स्वस्थ व्यक्ति थे। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और खारघर स्थित एक्ट्रेक (ACTREC) के विशेषज्ञों ने पाया कि देश में मुंह के कैंसर के 62 प्रतिशत मामलों की जड़ में शराब और तंबाकू का संयुक्त सेवन है। यह स्टडी स्पष्ट करती है कि शराब अब एक साइलेंट किलर के रूप में उभर रही है।
अध्ययन के सबसे डरावने निष्कर्षों में से एक यह है कि शराब की कोई ‘सेफ लिमिट’ नहीं होती। शोध के अनुसार, दिन में मात्र 9 ग्राम शराब (एक स्टैंडर्ड ड्रिंक) पीने से कैंसर का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। चाहे वह ब्रांडेड व्हिस्की, बियर या वाइन हो, या फिर महुआ और ठर्रा जैसी देसी शराब—सभी समान रूप से खतरनाक हैं। रिपोर्ट बताती है कि 17 प्रतिशत मामले केवल शराब के सेवन से होते हैं, जबकि तंबाकू अकेले 37 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। लेकिन जब ये दोनों मिलते हैं, तो खतरा 4 से 5 गुना बढ़ जाता है।
वैज्ञानिकों ने समझाया है कि शराब पीने के बाद शरीर में एसिटाल्डिहाइड (Acetaldehyde) नामक एक जहरीला पदार्थ बनता है। यह पदार्थ सीधे तौर पर हमारे डीएनए (DNA) को नुकसान पहुँचाता है और कैंसर कोशिकाओं को पनपने में मदद करता है। विशेष रूप से भारतीय पुरुषों में ऐसे जीन पाए जाते हैं जो शराब को बहुत धीमी गति से तोड़ते हैं, जिससे यह जहरीला पदार्थ शरीर में अधिक समय तक बना रहता है। यही कारण है कि भारतीयों में शराब के कारण कैंसर होने की संभावना अन्य देशों की तुलना में अधिक होती है।
टाटा मेमोरियल सेंटर के हेड डॉ. पंकज चतुर्वेदी के अनुसार, शराब को ‘ग्रुप-1 कार्सिनोजेन’ यानी कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि भारत में तंबाकू के खिलाफ तो सख्त नीतियां और विज्ञापन संबंधी नियम हैं, लेकिन शराब को लेकर वैसी गंभीरता नहीं दिखती। डॉ. चतुर्वेदी ने सेलिब्रिटी विज्ञापनों और ‘सरोगेट एडवरटाइजिंग’ पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “थोड़ी मात्रा में शराब पीना ठीक है” जैसी बातें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।
मुंह के कैंसर का समय पर पता चलना ही बचाव की पहली सीढ़ी है। यदि मुंह में कोई घाव या छाला है जो 2 हफ्ते से ठीक नहीं हो रहा, होंठों पर सफेद या लाल पैच हैं, या निगलने और बोलने में तकलीफ हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बचाव के लिए शराब और तंबाकू का पूरी तरह त्याग अनिवार्य है। साथ ही, नियमित रूप से मुंह की सफाई, डेंटल चेकअप और फलों-सब्जियों से भरपूर ‘हेल्दी डाइट’ अपनाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को कम किया जा सकता है।
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