Osman Hadi Murder
Osman Hadi Murder: बांग्लादेश की राजनीति और छात्र आंदोलनों के प्रमुख चेहरे शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने देश में एक बड़ा संवैधानिक और सुरक्षा संकट पैदा कर दिया है। ‘इंकलाब मंच’ के मुख्य प्रवक्ता हादी पर 12 दिसंबर 2025 को ढाका के पुराना पल्टन इलाके में उस समय जानलेवा हमला हुआ था, जब वे एक रिक्शा में सवार थे। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनके सिर में करीब से गोली मारी थी। गंभीर रूप से घायल हादी को बेहतर चिकित्सा के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन छह दिनों तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर फैलते ही पूरे बांग्लादेश में विरोध की आग भड़क उठी है।
जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर दो मुख्य संदिग्धों की पहचान की है। पुलिस के अनुसार, फैसल करीम मसूद ने हादी पर गोली चलाई थी, जबकि उसका सहयोगी आलमगीर शेख मोटरसाइकिल चला रहा था। गौर करने वाली बात यह है कि फैसल करीम मसूद प्रतिबंधित ‘छात्र लीग’ का पूर्व नेता रह चुका है, जो शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र इकाई थी। पुलिस ने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया है। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
21 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश पुलिस के अतिरिक्त महानिरीक्षक (AIGP) खांडेकर रफीकुल इस्लाम ने एक प्रेस वार्ता में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि खुफिया एजेंसियां और पुलिस बल पूरी क्षमता के साथ फैसल की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने उन अफवाहों का खंडन किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि फैसल भारत भाग गया है। एआईजीपी ने कहा, “हमारे पास ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि संदिग्ध ने सीमा पार की है। उसके पासपोर्ट को ब्लॉक कर दिया गया है और देश के सभी निकास द्वारों पर अलर्ट जारी है।”
हादी की हत्या के बाद इंकलाब मंच ने अंतरिम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि हत्यारे नहीं पकड़े गए, तो देशव्यापी असहयोग आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दबाव के बीच पुलिस ने अब तक 13 से 14 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों में फैसल के कुछ करीबी साथी और वे लोग शामिल हैं जिन्होंने उसे छिपने में मदद की या साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और कुछ हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
हादी हत्याकांड की जांच के दौरान एक चौंकाने वाला वित्तीय मोड़ भी सामने आया है। अपराध जांच विभाग (CID) ने फैसल और उसके सहयोगियों के बैंक खातों की जांच की, जिसमें 127 करोड़ टका से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है। इतनी बड़ी राशि का मिलना इस ओर इशारा करता है कि इस हत्या के पीछे कोई बड़ा आर्थिक या विदेशी हाथ हो सकता है। पुलिस ने अब हत्या के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत भी अलग से जांच शुरू कर दी है।
उस्मान हादी 2024 के उस छात्र आंदोलन के नायक थे, जिसने शेख हसीना की सत्ता का तख्तापलट किया था। उनकी हत्या ने यह साबित कर दिया है कि बांग्लादेश में अभी भी राजनीतिक अस्थिरता का दौर थमा नहीं है। आगामी चुनावों की आहट के बीच इस तरह की हाई-प्रोफाइल हत्या ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने की एक कठिन चुनौती पेश कर दी है। यदि मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है, तो बांग्लादेश एक बार फिर व्यापक नागरिक अशांति की चपेट में आ सकता है।
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