Pakistan Afghanistan War
Pakistan Afghanistan War: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश के बीच अब दक्षिण एशिया में भी युद्ध के बादल गहरा गए हैं। सोमवार, 16 मार्च 2026 को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गया, जब पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के भीतर घुसकर जबरदस्त बमबारी की। इस सैन्य कार्रवाई ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य संबंधों को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है।
सोमवार की सुबह काबुल के निवासियों के लिए खौफनाक रही। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन करते हुए अफगान हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और राजधानी के रणनीतिक ठिकानों पर सिलसिलेवार हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, काबुल शहर पांच शक्तिशाली धमाकों से दहल उठा। इन हमलों ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान अब तालिबान शासन के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई की राह पर चल पड़ा है।
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना का मुख्य निशाना काबुल का पुल-ए-चरखी इलाका रहा। यहां स्थित एक नशामुक्ति अस्पताल (Drug Rehabilitation Center) पर बमबारी की गई, जिससे पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। सूत्रों का कहना है कि इस हमले में केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि पास की कुछ महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों को भी क्षति पहुंची है। एक स्वास्थ्य केंद्र को युद्ध का मैदान बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के दायरे में आता है, जिससे पाकिस्तान की चौतरफा निंदा हो रही है।
तालिबान शासन के आधिकारिक प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस हमले की पुष्टि करते हुए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। मुजाहिद ने लिखा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगान संप्रभुता का अपमान किया है। उनके अनुसार, नशामुक्ति अस्पताल पर हुए इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें से अधिकांश वे लोग थे जो नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए वहां उपचाराधीन थे। तालिबान ने इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” करार देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
यह हमला कोई इकलौती घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले, 15 मार्च को भी पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में स्थित कंधार प्रांत पर जोरदार हमला बोला था। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, पाकिस्तान ने कंधार में अफगानिस्तान के ‘टेक्निकल सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ और ‘इक्विपमेंट स्टोरेज फैसिलिटी’ को निशाना बनाया था। स्थानीय निवासियों ने पूरी रात लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनी, जिससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह आक्रामक रुख टीटीपी (TTP) के ठिकानों और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के जवाब में है। हालांकि, काबुल जैसे रिहायशी और प्रशासनिक केंद्र पर सीधा हमला यह संकेत देता है कि पाकिस्तान अब ‘सॉफ्ट टारगेट’ की जगह सीधे तालिबान की सत्ता के केंद्रों को चुनौती दे रहा है। मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच दक्षिण एशिया का यह नया मोर्चा वैश्विक शांति के लिए एक नया खतरा पैदा कर सकता है।
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