Parliament Budget Session
Parliament Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी हफ़्ता बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। सोमवार सुबह दस बजे विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें सदन के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी खेमे में दो तरह की विचारधाराएं उभर रही हैं। जहाँ टीएमसी, डीएमके और सीपीएम जैसे दल आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बजट पर विस्तृत चर्चा चाहते हैं, वहीं कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा वर्तमान परिस्थितियों से बेहद असंतुष्ट है। विपक्ष की कोशिश है कि किसी तरह लोकसभा में जारी गतिरोध को खत्म किया जाए ताकि उनके नेता बजट प्रस्तावों पर अपनी बात रख सकें, लेकिन सत्ता पक्ष के साथ जारी तकरार इसे मुश्किल बना रही है।
कांग्रेस पार्टी और लोकसभा अध्यक्ष के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। कांग्रेस की नाराजगी के पीछे मुख्य रूप से चार कारण हैं। पहला, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे के संस्मरणों का उल्लेख करने से रोका गया। दूसरा, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कोई कड़ी कार्रवाई न होना। तीसरा मुद्दा 8 सांसदों के निलंबन का है। सबसे गंभीर विवाद अध्यक्ष की उस टिप्पणी पर है जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री के पास पहुंचकर कोई अप्रिय घटना कर सकते थे। इन आरोपों को अपमानजनक मानते हुए कांग्रेस अब अध्यक्ष के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाने की संभावना तलाश रही है।
संसद के इतिहास में एक विरल स्थिति तब देखने को मिली जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में उपस्थित नहीं हुए। सदन में इतना जबरदस्त हंगामा और नारेबाजी हुई कि चर्चा को आगे बढ़ाना असंभव हो गया। अंततः, भारी शोर-शराबे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव को बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पारित कर दिया गया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार चर्चा से भाग रही है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष के व्यवहार के कारण सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है।
बजट के अलावा, भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ट्रेड डील (व्यापार समझौते) को लेकर जारी संयुक्त बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मोदी सरकार ने अमेरिकी हितों के सामने पूरी तरह ‘सरेंडर’ कर दिया है। सांसदों ने इस समझौते को देश के आर्थिक हितों के खिलाफ बताते हुए सदन के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विपक्षी गठबंधन का मानना है कि इस डील की शर्तों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और संसद में इस पर विशेष बहस होनी चाहिए। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन की कार्यवाही को ठप करने का बड़ा कारण बन सकता है।
बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होने वाला है। इसके बाद दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। हालांकि राज्यसभा में चर्चा अपेक्षाकृत सुचारू रही, लेकिन लोकसभा में राहुल गांधी और जनरल नरवणे की किताब के मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब सबकी नजरें 13 फरवरी तक चलने वाली कार्यवाही पर हैं। क्या विपक्ष अपने सहयोगी दलों के दबाव में बजट चर्चा में शामिल होगा या फिर निलंबन और ट्रेड डील के मुद्दे पर सदन की कार्यवाही बलि चढ़ जाएगी? यह आने वाले कुछ घंटों में स्पष्ट हो जाएगा।
Thalapathy Vijay : तमिलनाडु की सियासत ने साल 2026 में एक ऐसा मोड़ लिया है…
Mamata Banerjee Defeat Reasons: पश्चिम बंगाल की सियासत में पिछले डेढ़ दशक से निर्विवाद नेता…
TN Election Result : तमिल सिनेमा के बेताज बादशाह 'थलपति' विजय ने करीब 36 वर्षों…
Kerala Election Results 2026: दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य केरल की राजनीति में एक बड़ा…
Bengal Election Result 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश…
West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों ने राज्य…
This website uses cookies.