Parliament Budget Session: भारतीय संसद का बजट सत्र इस समय अपने चरम पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद से ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सहयोगी दलों ने इस बजट को ‘अमृत काल’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, वहीं विपक्षी खेमा इसे पूरी तरह ‘जनविरोधी’ करार दे रहा है। संसद के दोनों सदनों में आज भी बजट की बारीकियों और इसके दूरगामी परिणामों को लेकर तीखी नोकझोंक होने के आसार हैं। सदन के भीतर का वातावरण पूरी तरह से चुनावी मोड में नजर आ रहा है, जहाँ हर पक्ष अपनी विचारधारा को श्रेष्ठ साबित करने में जुटा है।
राहुल गांधी का संबोधन: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष का पलटवार
आज की कार्यवाही का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु दोपहर 2:00 बजे होने वाला नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का संबोधन है। राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट पर औपचारिक बहस 9 फरवरी से शुरू होनी है, लेकिन राहुल गांधी आज अपने भाषण के जरिए विपक्ष की पूरी रणनीति का ब्लूप्रिंट पेश कर सकते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वे बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे। उनका यह वक्तव्य सत्र की आगे की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
बजट 2026-27 पर राहुल गांधी के तीखे प्रहार: ‘एक्स’ पर जताई नाराजगी
सदन में बोलने से पहले ही राहुल गांधी ने डिजिटल मंचों के माध्यम से सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट देश के वास्तविक संकटों—जैसे बढ़ती बेरोजगारी और गिरते विनिर्माण क्षेत्र—से आंखें मूंदने वाला है। राहुल गांधी का दावा है कि सरकार के आंकड़े और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी निवेश में कमी आ रही है और मध्यम वर्ग को इस बजट से कोई ठोस राहत नहीं मिली है। विपक्ष के इन कड़े तेवरों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में सदन में भारी हंगामा देखने को मिल सकता है।
वित्त मंत्री का दोटूक जवाब: ‘मजबूत है देश की आर्थिक बुनियाद’
विपक्ष के हमलों का जवाब देने में सरकार ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर छाई आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास दर स्थिर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए योजनाएं बना रही है। वित्त मंत्री आज दोपहर 1:00 से 2:30 बजे के बीच नए संसद भवन के समन्वय-3 हॉल में मीडिया से भी रूबरू होंगी। इस ‘पोस्ट-बजट इंटरएक्शन’ में वे बजट के तकनीकी पहलुओं और भविष्य के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा करेंगी।
आज के प्रमुख विधायी कार्यक्रम: समय सारिणी पर एक नजर
संसद की आज की कार्यवाही में निम्नलिखित कार्यक्रम प्रमुखता से शामिल रहेंगे:
-
दोपहर 1:00 बजे: समन्वय-3 हॉल में वित्त मंत्री का बजट पश्चात मीडिया संवाद।
-
दोपहर 2:00 बजे: लोकसभा में राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित भाषण।
-
शाम 4:00 बजे: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदस्यों की चर्चा।
यह सत्र 2026 की राजनीति के लिए काफी अहम है, क्योंकि बजट के प्रावधानों का सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों और देश की आर्थिक सेहत पर पड़ने वाला है। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष के सवालों का सरकार क्या तार्किक समाधान पेश करती है।
















