US Iran War 2026
US Iran War 2026: अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की, जिसमें रक्षा सचिव (डिफेंस सेक्रेटरी) पीट हेगसेथ ने दुनिया के सामने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा रखा। हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा, “इस युद्ध की शुरुआत हमने नहीं की थी, लेकिन इसे खत्म हम ही करेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू किया गया है। हेगसेथ के अनुसार, यह सैन्य अभियान इतिहास का सबसे खतरनाक, चुनौतीपूर्ण और सटीक हवाई ऑपरेशन साबित हुआ है, जिसने ईरान के सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख दिया है।
डिफेंस सेक्रेटरी ने ईरान की इस्लामिक सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो शासन दशकों से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजरायल मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहा था, उसे आखिरकार अपनी नियति का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 47 वर्षों से तेहरान की सरकार ने अमेरिका के खिलाफ एक खतरनाक एकतरफा जंग छेड़ रखी थी। अमेरिका ने अपनी मंशा साफ करते हुए कहा कि यह हमला किसी ‘अंतहीन युद्ध’ की शुरुआत नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य तेहरान की मिसाइल शक्ति, नौसेना और सैन्य बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करना है ताकि भविष्य के खतरों को रोका जा सके।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सबसे बड़ा बयान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर आया। पीट हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा, “ईरान जैसी पागल सरकारें, जो इस्लाम की अपनी गलत व्याख्याओं पर टिकी हैं, उनके पास परमाणु हथियार होने का मतलब पूरी दुनिया के लिए तबाही है।” उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना करते हुए कहा कि कई लोगों ने केवल बातें कीं, लेकिन इसे हकीकत में रोकने की हिम्मत केवल वर्तमान राष्ट्रपति ने दिखाई है। अमेरिका का मानना है कि ईरान झूठ बोलकर परमाणु बम बनाने की दहलीज पर खड़ा था।
हेगसेथ ने विस्तार से बताया कि कैसे ईरान की जिद ने दुनिया भर के व्यापारिक शिपिंग लेन को असुरक्षित बना दिया था। उन्होंने कहा कि ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलों और ‘किलर ड्रोन’ का बढ़ता जखीरा अब बर्दाश्त की सीमा से बाहर हो चुका था। ईरान इन हथियारों का इस्तेमाल ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ के लिए कर रहा था। हेगसेथ के शब्दों में, “ईरान ने दुनिया के सिर पर बंदूक तान रखी थी।” अमेरिका का यह हमला उन मिसाइलों और ड्रोनों के निर्माण केंद्रों को निशाना बनाने के लिए है, जिनके दम पर तेहरान वैश्विक सुरक्षा को चुनौती दे रहा था।
अंत में, डिफेंस सेक्रेटरी ने विश्वास दिलाया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से सटीक, व्यापक और निर्भीक है। उन्होंने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि ईरान की आक्रामकता को जड़ से खत्म किया जाए ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति बनी रहे। अमेरिका अब तेहरान के सुरक्षा बुनियादी ढांचे के उन हिस्सों को चुन-चुनकर निशाना बना रहा है, जो उनके परमाणु इरादों को खाद-पानी देते थे। यह ऑपरेशन केवल बदला लेने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को एक बड़े परमाणु खतरे से बचाने के लिए चलाया जा रहा है।
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