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PM Kisan Nidhi: PM किसान निधि डबल नहीं होगी, सरकार ने राज्यसभा में किया स्पष्ट, नहीं है कोई प्रस्ताव!

PM Kisan Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत मिलने वाली राशि को दोगुना करने की अफवाहों और अटकलों पर सरकार ने राज्यसभा में विराम लगा दिया है। इस योजना के तहत वर्तमान में पात्र किसानों को 2,000 रुपये की तीन किस्तों के रूप में सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। दिसंबर 2024 में एक संसदीय स्थायी समिति द्वारा इस राशि को बढ़ाकर 12,000 रुपये करने की सिफारिश की गई थी, जिसके बाद से ही इस बढ़ोतरी की चर्चाएं जोरों पर थीं।

PM Kisan Nidhi: सांसद के सवाल पर कृषि मंत्रालय का सीधा जवाब

12 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में, सांसद समीरुल इस्लाम ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि क्या वह PM किसान की सालाना पेमेंट को दोगुना करके 12,000 रुपये करने की संसदीय समिति की सिफारिश को स्वीकार कर चुकी है।इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने दिया। मंत्री ठाकुर ने साफ कहा है कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। इस आधिकारिक बयान से किसानों के बीच फैली अफवाहों पर विराम लग गया है। यह स्पष्ट हो गया है कि PM किसान सम्मान निधि की वर्तमान ₹6,000 की राशि को निकट भविष्य में दोगुना करने की कोई योजना नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यद्यपि संसदीय समिति ने किसानों की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए राशि बढ़ाने का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने अभी तक उस सिफारिश को लागू करने का निर्णय नहीं लिया है।

PM Kisan Nidhi: PM किसान पंजीकरण के लिए ‘किसान ID’ की अनिवार्यता पर स्पष्टीकरण

सांसद समीरुल इस्लाम ने अपने प्रश्न में यह भी पूछा कि क्या PM किसान स्कीम का लाभ उठाने के लिए ‘किसान ID’ का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। यह सवाल किसानों के बीच ‘किसान आईडी’ के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता के मद्देनजर महत्वपूर्ण था।

इस पर मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्य-वार स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि जिन 14 राज्यों में ‘किसान रजिस्ट्री’ का काम शुरू हो गया है, वहाँ PM किसान स्कीम के तहत सिर्फ नए रजिस्ट्रेशन के लिए ‘किसान ID’ जरूरी कर दी गई है। यह कदम पंजीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और लाभ के दोहराव को रोकने के लिए उठाया गया है।

अन्य राज्यों के किसानों को मिली राहत

हालांकि, ठाकुर ने उन राज्यों के किसानों को राहत दी है, जहाँ ‘किसान रजिस्ट्री’ का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में किसान बिना ‘किसान ID’ के भी PM किसान योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि देश के उन हिस्सों में योजना का लाभ आसानी से मिलता रहे, जहाँ ‘किसान रजिस्ट्री’ का बुनियादी ढाँचा अभी पूरी तरह से स्थापित नहीं हुआ है।

मंत्री ने उन 14 राज्यों से, जहाँ ‘किसान रजिस्ट्री’ का काम शुरू हो गया है, उन किसानों का डेटा भी सदन में प्रस्तुत किया जिन्होंने अभी तक ‘किसान ID’ के लिए रजिस्टर नहीं कराया है। यह डेटा उन किसानों के महत्व को रेखांकित करता है जिन्हें जल्द ही इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूरा करना होगा ताकि वे PM किसान योजना का लाभ उठाना जारी रख सकें। सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘किसान आईडी’ का उद्देश्य डिजिटल कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है, लेकिन इसका कार्यान्वयन राज्यों की प्रगति पर निर्भर करेगा।

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