Kota Airport Foundation: राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों का रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वर्चुअल माध्यम से कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की नींव रखने के साथ ही पीएम मोदी ने जनता को संबोधित किया और क्षेत्र के विकास की नई संभावनाओं पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विशेष रूप से कोटा-बूंदी के सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर संघर्ष किया।

कोटा के विकास में ओम बिरला का समर्पण: पीएम की प्रशंसा
शिलान्यास समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोटा में एयरपोर्ट बनाने की दिशा में ओम बिरला ने जो प्रयास किए हैं, वे काबिले तारीफ हैं। उन्होंने कहा, “कोटा की तरक्की के लिए ओम बिरला का काम और उनका विजन आज सबके सामने है।” प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि कैसे एक सांसद के रूप में बिरला ने अपने क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को केंद्र सरकार तक पहुँचाया और तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं को दूर करवाकर इस हवाई अड्डे का मार्ग प्रशस्त किया। यह एयरपोर्ट न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि यहाँ पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए आवागमन को भी सुगम बनाएगा।
संसदीय निष्ठा और संविधान के प्रति अटूट समर्पण
प्रधानमंत्री ने ओम बिरला के व्यक्तित्व के एक और पहलू को उजागर करते हुए उन्हें एक उत्कृष्ट लोकसभा अध्यक्ष बताया। पीएम ने कहा, “ओम बिरला जितने शानदार सांसद हैं, उतने ही बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं।” उन्होंने बिरला की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भारत के संविधान के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। संसदीय प्रणालियों और नियमों के प्रति उनकी निष्ठा अद्वितीय है। मोदी के अनुसार, बिरला ने सदन की मर्यादा को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है और वे एक ऐसे स्पीकर हैं जो सांसदों के सम्मान को सर्वोपरि रखते हैं।
पक्ष-विपक्ष के बीच संतुलन और निष्पक्ष मुखिया की भूमिका
वर्चुअल संबोधन में पीएम मोदी ने कोटा की ‘शिक्षा नगरी’ वाली छवि का जिक्र करते हुए कहा कि शायद शिक्षा के माहौल का ही प्रभाव है कि ओम बिरला सदन में एक अच्छे परिवारिक मुखिया की तरह सबको साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि बिरला पक्ष और विपक्ष के भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करते हैं। सदन में चाहे सत्ता पक्ष का सांसद हो या विपक्ष का, वे सभी के प्रति अत्यधिक सम्मान का भाव रखते हैं। उनकी निष्पक्षता ही उन्हें एक सफल और लोकप्रिय सदन अध्यक्ष बनाती है।
‘उत्पाती छात्रों’ पर चुटकी: सदन के अनुशासन पर पीएम का तंज
भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में सदन की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने सांसदों की तुलना छात्रों से करते हुए कहा, “कभी-कभी कुछ बड़े घरानों के अहंकारी और उत्पाती छात्र (सांसद) सदन में आ जाते हैं, लेकिन ओम बिरला उन्हें एक कुशल शिक्षक की तरह संभाल लेते हैं।” पीएम ने आगे कहा कि बिरला किसी को भी अपमानित नहीं करते और सांसदों द्वारा बोले गए कड़वे शब्दों को भी मुस्कुराकर झेल लेते हैं। उनकी यही धैर्यशीलता सदन की शांति और गरिमा को बनाए रखने में सहायक होती है।
कोटा एयरपोर्ट: भविष्य की उड़ान और नई संभावनाएं
अंत में प्रधानमंत्री ने कोटा एयरपोर्ट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक बुनियादी ढांचा नहीं है, बल्कि कोटा के भविष्य की उड़ान है। यह एयरपोर्ट राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा और कोचिंग उद्योग के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को भी वैश्विक स्तर पर जोड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कोटा शिक्षा के साथ-साथ कनेक्टिविटी के मामले में भी देश का अग्रणी शहर बनेगा।


















