PM Modi Siliguri : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर तीखा प्रहार किया। बंगाल दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी की कुल 12 विधानसभा सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में वोट मांगे। उन्होंने टीएमसी पर बंगाल की बर्बादी और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राज्य में परिवर्तन की लहर को कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री ने सिलीगुड़ी की भीड़ को देखकर दावा किया कि यह जनसभा टीएमसी की नींद उड़ाने के लिए काफी है।

वोट बैंक की राजनीति और 15 साल का हिसाब
प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और तुष्टीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने मदरसों के लिए तो ₹6000 करोड़ का आवंटन किया, लेकिन राज्य के बुनियादी विकास के लिए कुछ नहीं किया। मोदी ने कड़े लहजे में कहा कि टीएमसी सिर्फ अपने खास वोट बैंक को खुश करने के लिए जनता के पैसे का इस्तेमाल करती है। उन्होंने बंगाल की जनता से आह्वान किया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी ने राज्य को जिस तरह बर्बाद किया है, अब उसका हिसाब लेने का समय आ गया है।
‘कमल खिलाओ, घुसपैठिया भगाओ’ और सीएए का आश्वासन
पश्चिम बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए प्रधानमंत्री ने ‘कमल खिलाओ, घुसपैठिया भगाओ’ का नया नारा दिया। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने हमेशा शरणार्थियों के हितों के खिलाफ काम किया है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने सीएए के माध्यम से लोगों को वोटिंग और सम्मान की गारंटी दी है। पीएम ने आरोप लगाया कि ममता सरकार निर्मम है और वह घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी से खिलवाड़ कर रही है।
चाय बागान श्रमिकों के लिए भूमि पट्टे का वादा
चाय उत्पादक क्षेत्र होने के नाते पीएम मोदी ने चाय बागान श्रमिकों से भावनात्मक जुड़ाव दिखाया। उन्होंने कहा, “आपकी चाय का स्वाद एक चाय बेचने वाले से बेहतर कौन जान सकता है?” उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पड़ोस के भाजपा शासित असम में चाय श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए बड़े काम हुए हैं, जबकि बंगाल में टीएमसी सरकार चाय बागानों को नष्ट कर रही है। मोदी ने वादा किया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही श्रमिकों को भूमि के पट्टे दिए जाएंगे और उनके जीवन स्तर में सुधार किया जाएगा।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर और ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह’ पर प्रहार
राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह’ सक्रिय है, जो सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को बंद करने की धमकियां दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ऐसे तत्वों को मौन समर्थन देती है। पीएम ने कहा कि उत्तर बंगाल में टीएमसी की राजनीति हमेशा डर और उपेक्षा पर आधारित रही है। यहाँ राजनीतिक हिंसा, नेताओं की हत्या और आम लोगों को धमकाना एक सामान्य बात बन गई है, जिसे भाजपा खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी का राजनीतिक समीकरण
दार्जिलिंग जिले में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत है, जहाँ की सभी 5 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। यहाँ गोरखा पहचान और शहरी व्यापार मुख्य मुद्दे हैं। दूसरी ओर, जलपाईगुड़ी की 7 सीटों पर मुकाबला कड़ा है, जहाँ टीएमसी के पास 4 और भाजपा के पास 3 सीटें हैं। इन क्षेत्रों में राजबंशी और एसटी समुदाय किंगमेकर की भूमिका निभाते हैं। पीएम मोदी की इस रैली का मुख्य उद्देश्य इन समुदायों के बीच भाजपा की पकड़ को और मजबूत करना और टीएमसी के वोट बैंक में सेंध लगाना था।
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