PM Modi Standing Ovation : नई दिल्ली में मंगलवार, 6 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत और उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक नेतृत्व से जुड़े विशेष प्रस्ताव के साथ हुई। जैसे ही प्रधानमंत्री बैठक कक्ष में पहुंचे, कैबिनेट के सदस्य सम्मान में खड़े हो गए और तालियों के साथ उनका स्वागत किया। बैठक के दौरान मंत्रियों ने प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक कार्यकाल और नेतृत्व की सराहना की।
25 वर्षों के नेतृत्व पर कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल और उपलब्धियों की सराहना की है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी का यह राजनीतिक सफर 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक 25 वर्षों का हो रहा है।
‘यह इतिहास अपने आप में अनूठा है’
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 25 वर्षों तक हेड ऑफ स्टेट के तौर पर जिम्मेदारी निभाई है और यह उपलब्धि अपने आप में विशिष्ट है। कैबिनेट ने इसी अवसर को ध्यान में रखते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन और लगातार नेतृत्व के लिए उन्हें बधाई दी गई।
प्रस्ताव पेश होते ही खड़े हुए सभी मंत्री
कैबिनेट बैठक की शुरुआत में जैसे ही प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के नेतृत्व से संबंधित प्रस्ताव रखा गया, बैठक में मौजूद सभी केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ सदस्य अपनी-अपनी सीटों से खड़े हो गए। इसके बाद मंत्रियों ने तालियां बजाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व और लंबे समय तक सार्वजनिक सेवा में रहने के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
25 साल के राजनीतिक सफर का उल्लेख
कैबिनेट के प्रस्ताव में नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी भूमिका तक की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। अश्विनी वैष्णव के अनुसार, मंत्रिमंडल ने उनके लंबे राजनीतिक सफर को देश के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने गुजरात में लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2014 में वह पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और इसके बाद लगातार तीन लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद पर सरकार का नेतृत्व किया। कैबिनेट प्रस्ताव में उनके इसी लंबे सार्वजनिक कार्यकाल का उल्लेख किया गया।
जून में भी कैबिनेट ने किया था विशेष स्वागत
इससे पहले 10 जून को भी केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे कार्यकाल और लगातार तीन कार्यकाल से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया था। उस समय कैबिनेट ने सर्वसम्मति से एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को बधाई दी थी। प्रस्ताव में उन्हें देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल होने और लगातार तीन कार्यकाल पूरा करने के लिए शुभकामनाएं दी गई थीं।
कैबिनेट प्रस्ताव में नेतृत्व और सेवा का उल्लेख
6 अक्टूबर की बैठक में पारित प्रस्ताव के जरिए मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक नेतृत्व को रेखांकित किया। बैठक में मौजूद मंत्रियों द्वारा तालियों के साथ उनका स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद इस प्रस्ताव और प्रधानमंत्री के लंबे राजनीतिक सफर से जुड़ी जानकारी साझा की। इस तरह कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
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