PM Remark Case: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। शिकायतकर्ता ने 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने का फैसला किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लड़की ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है और अब वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। इस निर्णय के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

शिकायतकर्ता ने बताई शिकायत वापस लेने की वजह
गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र की निवासी और उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने बताया कि शुरुआत में इस मामले में कुल आठ लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इनमें नोएडा निवासी 15 वर्षीय लड़की पहली आरोपी थी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित लड़कियों ने बाद में वीडियो जारी कर माफी मांगी, जिसके बाद उन्होंने सभी मामलों में अपनी शिकायत वापस लेने का निर्णय लिया।स्मृति सिंह ने कहा कि यदि संबंधित पक्ष अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगता है, तो मामले को आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने यह भी बताया कि अपने फैसले की जानकारी संबंधित जांच एजेंसियों को दे दी गई है।

29 जुलाई को दर्ज हुई थी जीरो एफआईआर
शिकायत के आधार पर 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में मामले का अधिकार क्षेत्र दिल्ली होने के कारण इसे आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को भेज दिया गया। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिनमें शांति भंग के लिए उकसाने के इरादे से अपमान, सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान और मानहानि से संबंधित प्रावधान शामिल थे।
सभी लड़कियों ने जारी किए माफी वाले वीडियो
शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले के सार्वजनिक होने के बाद सभी आठ लड़कियों ने अलग-अलग वीडियो जारी कर अपने बयान पर खेद व्यक्त किया और माफी मांगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि संबंधित लड़कियां सार्वजनिक रूप से माफी मांगती हैं, तो वह अपनी शिकायत वापस लेने पर विचार करेंगी। माफी मिलने के बाद उन्होंने अपने वादे के अनुसार सभी शिकायतें वापस ले लीं।
नाबालिग का परिवार घर पर नहीं मिला
मामले के बीच मंगलवार को नोएडा स्थित नाबालिग लड़की के घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं मिला। सेक्टर-168 की हाउसिंग सोसायटी के सुरक्षा गार्ड और रखरखाव कर्मचारियों ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद से परिवार ने लोगों से मिलना-जुलना काफी कम कर दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ मौकों पर दिल्ली और नोएडा पुलिस के अधिकारी परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे।हालांकि, सोसाइटी के कर्मचारियों ने यह स्पष्ट किया कि उन्हें परिवार के वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

उत्पीड़न की शिकायत नहीं मिली: नोएडा पुलिस
नोएडा पुलिस ने कहा है कि उन्हें परिवार के साथ किसी प्रकार के उत्पीड़न या परेशान किए जाने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। एक्सप्रेसवे थाना पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के दिन ही नियमानुसार जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया था, क्योंकि कथित घटना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हुई थी।पुलिस का कहना है कि इसके बाद से परिवार स्थानीय पुलिस के संपर्क में नहीं है और न ही उन्होंने किसी प्रकार की नई शिकायत दर्ज कराई है।
परिवार के अस्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जाने की संभावना
पुलिस अधिकारियों का अनुमान है कि परिवार कुछ समय के लिए हरियाणा के फरीदाबाद में रह रहा हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, इससे पहले नाबालिग की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि घटना के बाद उनकी बेटी को सार्वजनिक रूप से माफी देने का अवसर मिलने पर वह आभारी हैं। फिलहाल शिकायत वापस लिए जाने के बाद इस मामले में कानूनी विवाद काफी हद तक समाप्त होता दिखाई दे रहा है।
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