PoJK Election 2026: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चुनावी माहौल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरे चरण के मतदान से पहले मुजफ्फराबाद और आसपास के कई इलाकों में हिंसा और झड़पों की घटनाओं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। रविवार, 2 अगस्त को तीन चरणों में होने वाले चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान होना है, लेकिन हालिया घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि लगातार अशांति और सुरक्षा संबंधी घटनाएं चुनावी प्रक्रिया और मतदान प्रतिशत दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।

हालिया झड़पों के बाद बिगड़े हालात
पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई स्थानों पर टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इन झड़पों के दौरान कई लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हालांकि, विभिन्न स्रोतों में हताहतों की संख्या अलग-अलग बताई जा रही है, इसलिए अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं।

मुजफ्फराबाद में भारी सुरक्षा, लोगों में डर
शनिवार को मुजफ्फराबाद की कई सड़कों पर तनाव के स्पष्ट संकेत दिखाई दिए। कुछ स्थानों पर जले हुए वाहनों के अवशेष, सड़कों पर बिखरे पत्थर और बड़ी संख्या में तैनात सुरक्षाकर्मी नजर आए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई लोगों ने आशंका जताई कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो मतदान प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील कर रहा है।
तीन चरणों में कराया जा रहा है मतदान
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण के बाद दूसरे चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन का दावा है कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान नेतृत्व की तीखी प्रतिक्रिया
क्षेत्र में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी ऐक्शन लीग (JAAC) के बैनर तले किया जा रहा है। एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए संगठन के प्रमुख सरदार अमन खान ने पाकिस्तानी सेना की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सेना को जनता का समर्थन होने का विश्वास है, तो उसे सीधे लोगों के बीच जाकर उनका सामना करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है तथा प्रदर्शनकारियों का आंदोलन चर्चा का विषय बना हुआ है।

भारत ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग
भारत सरकार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में सामने आ रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस वार्ता के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में नागरिकों के साथ हो रही घटनाओं को गंभीरता से देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने की खबरें सामने आई हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर ध्यान दे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दे।
स्थिति पर बनी हुई है लगातार नजर
फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैयार रखे गए हैं। दूसरी ओर, स्थानीय नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात सामान्य होंगे और मतदान बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा हो सकेगा। चुनाव के अगले चरणों और सुरक्षा स्थिति पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।
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