Iran US Tension
Iran US Tension: पश्चिम एशिया के आसमान पर युद्ध के काले बादल घने हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब उस मुहाने पर पहुँच गया है, जहाँ किसी भी क्षण भीषण गोलाबारी शुरू होने की आशंका है। इस विस्फोटक स्थिति को भांपते हुए यूरोपीय देश पोलैंड ने अपने नागरिकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को एक आपातकालीन संबोधन में ईरान में मौजूद अपने सभी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की पुरजोर अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा की दृष्टि से अब ईरान में रुकना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए नागरिकों को बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान करना चाहिए।
प्रधानमंत्री टस्क ने अपने संदेश में बेहद गंभीर लहजे का इस्तेमाल किया। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध की संभावना इतनी प्रबल है कि यदि संघर्ष शुरू होता है, तो आने वाले कुछ ही घंटों में वहां से सुरक्षित निकलने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने कहा, “कृपया तुरंत ईरान छोड़ दें और किसी भी परिस्थिति में वहां की यात्रा न करें।” पोलैंड की यह हड़बड़ाहट उन खुफिया रिपोर्टों के बाद सामने आई है, जिनमें दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं मिलकर ईरान के सामरिक ठिकानों पर एक बड़ा संयुक्त हमला करने की तैयारी पूरी कर चुकी हैं।
इस वैश्विक तनाव के केंद्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह हालिया पोस्ट है, जो उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किया है। ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए ‘जीरो एनरिचमेंट’ (परमाणु संवर्धन पूरी तरह बंद करने) की मांग दोहराई है। रणनीतिक रूप से, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी ताकत को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया है। ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ के साथ ही एक और विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को हमले के पूरे ‘ब्लूप्रिंट’ की जानकारी दी गई है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य ईरान के शीर्ष नेतृत्व और परमाणु केंद्रों को ध्वस्त करना है।
इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी और धमकियों के बावजूद तेहरान अपने रुख पर अडिग है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने गुरुवार को दोटूक शब्दों में कहा कि दुनिया की कोई भी शक्ति ईरान को परमाणु संवर्धन के उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं कर सकती। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान का कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के मानकों के अनुरूप और शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है। हालांकि, अमेरिका और इजरायल का दावा है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जो वैश्विक शांति के लिए खतरा है।
इस संभावित जंग में इजरायल की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। इजरायली सेना को ‘हाई-अलर्ट’ पर रखा गया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी सैन्य तैनाती की गई है। वॉशिंगटन ने तेहरान को अपना अंतिम प्रस्ताव मानने के लिए केवल दो सप्ताह का समय दिया है। इस बीच, उत्तर कोरिया ने भी ईरान के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। खबरों के मुताबिक, प्योंगयांग ने 50 नए परमाणु सक्षम रॉकेट लॉन्चर तैनात कर दिए हैं, जिससे यह द्विपक्षीय तनाव अब एक बड़े वैश्विक गठबंधन युद्ध की ओर बढ़ता हुआ प्रतीत हो रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब अगले कुछ घंटों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि मानवता शांति की ओर बढ़ेगी या विनाशकारी युद्ध की ओर।
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