Pradyut Bordoloi Join BJP
Pradyut Bordoloi Join BJP : असम की राजनीति में उस समय एक बड़ा भूचाल आ गया जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और नगांव से मौजूदा लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी को अलविदा कह दिया। मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेजने के बाद, बुधवार को बोरदोलोई औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया की उपस्थिति में उन्होंने भगवा चोला ओढ़ा। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इसे कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे अपने पत्र में पार्टी से अपने अलगाव की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “अत्यंत भारी मन के साथ, मैं कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और अपनी प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहा हूँ।” बोरदोलोई का कांग्रेस के साथ संबंध 1975 से था, जो अब लगभग पांच दशक बाद समाप्त हो गया है। चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में एक सिटिंग सांसद का जाना पार्टी के मनोबल को तोड़ने वाला साबित हो सकता है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद बोरदोलोई ने अपनी पूर्व पार्टी पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई एक वजह नहीं है, बल्कि लंबे समय से उनका अपमान किया जा रहा था। उन्होंने खुलासा किया कि 13 मार्च को असम चुनाव समिति (CEC) की बैठक के दौरान उन्हें अपमानित महसूस कराया गया। बोरदोलोई के अनुसार, इमरान मसूद जैसे नेताओं ने उनके द्वारा पेश किए गए सबूतों को ‘मनगढ़ंत’ करार दिया, जबकि प्रदेश नेतृत्व (APCC) खामोश तमाशा देखता रहा। उन्होंने भावुक होकर कहा, “पार्टी के भीतर मेरा दम घुट रहा था।”
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बोरदोलोई का पार्टी में गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बोरदोलोई जैसे अनुभवी नेता के आने से भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि प्रदेश इकाई केंद्रीय नेतृत्व से सिफारिश करेगी कि बोरदोलोई को आगामी विधानसभा चुनाव में मैदान में उतारा जाए। शर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि जिस व्यक्ति में थोड़ा भी आत्मसम्मान बचा है, वह कांग्रेस में टिक नहीं सकता। उन्होंने कांग्रेस के अन्य असंतुष्ट नेताओं को भी भाजपा में शामिल करने के लक्ष्य को दोहराया।
बोरदोलोई का जाना कांग्रेस के लिए एक हफ्ते के भीतर दूसरा सबसे बड़ा प्रहार है। इससे पहले असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं। बोरदोलोई न केवल सांसद रहे हैं, बल्कि राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई अभी भी मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। पिता के पाला बदलने से अब चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं और कांग्रेस के ‘गढ़’ कहे जाने वाले क्षेत्रों में भी भाजपा की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।
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