Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रहार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के फतनपुर थाना क्षेत्र में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक स्थानीय पत्रकार को न केवल कर्तव्य पालन से रोकने की कोशिश की, बल्कि सरेआम तमंचा लहराते हुए जान से मारने की धमकी भी दे डाली। यह घटना फतनपुर के बीरापुर गांव की है, जिसने इलाके के पत्रकारों और आम जनता के बीच भारी आक्रोश और भय पैदा कर दिया है।
खबर कवर करना पड़ा भारी: हरे पेड़ों के अवैध कटान का मामला
पूरी घटना की शुरुआत बुधवार सुबह करीब 8 बजे हुई। एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के तहसील प्रभारी के रूप में कार्यरत पत्रकार राकेश कुमार मिश्रा को सूचना मिली कि बीरापुर गांव में प्रतिबंधित और हरे पेड़ों का अवैध कटान बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। एक जागरूक पत्रकार के नाते जब राकेश कुमार मिश्रा मौके पर पहुँचे और इस अवैध कार्य की जानकारी जुटानी चाही, तो वहाँ मौजूद दबंगों को यह नागवार गुजरा। भ्रष्टाचार और पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ को उजागर करने की यह कोशिश पत्रकार के लिए मुसीबत का सबब बन गई।
घर पर बोला हमला: असलहे के साथ दी खौफनाक धमकी
आरोप है कि खबर कवर करने की कोशिश से तिलमिलाए दबंगों ने दोपहर करीब 2 बजे पत्रकार के घर पर धावा बोल दिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी नितेश कुमार यादव उर्फ साधु यादव अपने कुछ साथियों के साथ पत्रकार के दरवाजे पर पहुँचा। नितेश के हाथ में अवैध असलहा (तमंचा) था, जिसे वह खुलेआम लहरा रहा था। उसने पत्रकार और उनके परिजनों को न केवल भद्दी-भद्दी गालियां दीं, बल्कि उन्हें डराने-धमकाने का हर संभव प्रयास किया। सरेराह इस तरह का दुस्साहस कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।
“जेब में रखता हूँ ऐसे पत्रकार”: दबंग की सरेआम चुनौती
पत्रकार राकेश कुमार मिश्रा ने अपनी तहरीर में बताया कि आरोपी साधु यादव ने अहंकार और सत्ता की हनक में चूर होकर कहा कि “ऐसे पत्रकारों को मैं अपनी जेब में रखता हूँ।” आरोपी ने पत्रकार को सरेआम चुनौती देते हुए कहा कि वह जहाँ भी दिखेगा, उसे जान से मार दिया जाएगा। यह बयान न केवल पत्रकारिता के पेशे का अपमान है, बल्कि यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस और प्रशासन का कोई खौफ नहीं रह गया है। इस खौफनाक मंजर को देखकर पत्रकार का पूरा परिवार और गांव के लोग दहशत में आ गए हैं।
फतनपुर थाने में गुहार: सुरक्षा और न्याय की मांग
घटना के बाद पीड़ित पत्रकार राकेश कुमार मिश्रा ने तत्काल फतनपुर थाने का रुख किया। उन्होंने आरोपी नितेश कुमार यादव और उसके साथियों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी और उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रतापगढ़ के पत्रकार संगठनों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और जिला प्रशासन से मांग की है कि पत्रकारों को सुरक्षा दी जाए और ऐसी गुंडागर्दी करने वालों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बढ़ता खतरा
प्रतापगढ़ की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि ज़मीनी स्तर पर सच को उजागर करना कितना जोखिम भरा होता जा रहा है। हरे पेड़ों का अवैध कटान न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि पर्यावरण के खिलाफ भी साजिश है। जब एक पत्रकार इस मुद्दे को उठाता है, तो उसे अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ती है। अब सबकी निगाहें फतनपुर पुलिस पर टिकी हैं कि वह इस दबंगई के खिलाफ कितनी तत्परता से कानूनी कार्रवाई करती है।
















